-शिंदे गुट के मंत्री के बिगड़े बोल-‘मेरी आवाज बंद करने वाला माई का लाल पैदा नहीं हुआ’
सामना संवाददाता / मुंबई
दहीहंडी जैसे पारंपरिक उत्सव के मंच को राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का अखाड़ा बनाने को लेकर शिंदे गुट के मंत्री और रत्नागिरी के पालकमंत्री उदय सामंत विवादों में घिर गए हैं। सालवी स्टॉप में आयोजित दहीहंडी उत्सव के दौरान डीजे की आवाज को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते सत्ता बनाम विपक्ष की राजनीतिक चुनौती में बदल गया। भाषण के दौरान डीजे की आवाज बढ़ने से नाराज मंत्री सामंत ने बेहद आक्रामक अंदाज में विरोधियों को ललकारते हुए कहा, ‘मेरा आवाज बंद करने वाला अभी इस धरती पर कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ!’
इतना ही नहीं, सामंत ने मनसे को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि उन्होंने अब तक पांच बार कई लोगों का डीजे बंद कराया है। इसके बाद उन्होंने कहा कि पहले स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव में एक ग्राम पंचायत सदस्य जिताकर दिखाइए।
सत्ता के अहंकार का अखाड़ा?
सवाल यह है कि क्या धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के मंच का इस्तेमाल अब राजनीतिक ताकत दिखाने के लिए किया जाएगा? दहीहंडी में गोविंदाओं के थर लगने थे, लेकिन रत्नागिरी में सत्ता पक्ष और विरोधियों के बीच राजनीतिक बयानबाजी के थर लगते दिखाई दिए। मंत्री का पद संवैधानिक जिम्मेदारी और सार्वजनिक जवाबदेही से जुड़ा होता है।
