-अगले सप्ताह सरकार के विकास कार्यों का होगा हिसाब
-भूमिपूजन तो किया, लेकिन कार्य पूरे नहीं हुए
सामना संवाददाता / मुंबई
मुक्ति संग्राम दिवस के अवसर पर शिवसेना ने महायुति सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मराठवाड़ा के आठों जिलों में वर्षों से अटके विकास कार्यों और कथित तौर पर निधि के अभाव में ठप पड़ी योजनाओं को लेकर शिवसेना ने ‘तुमसे न हो पाएगा’ नाम से अभिनव आंदोलन शुरू किया है। आंदोलन के जरिए पार्टी ने सीधे महायुति सरकार की कार्यक्षमता पर सवाल खड़ा करते हुए पूछा है कि आखिर क्षेत्र के विकास का पैसा कहां जा रहा है?
१६ सितंबर को मनाए जाने वाले मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस से एक दिन पहले छत्रपति संभाजीनगर में शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में विशाल सभा आयोजित की जाएगी। इस सभा के जरिए मराठवाड़ा में अधूरे पड़े विकास कार्यों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाते हुए महायुति सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
इन आंदोलनों के जरिए शिवसेना जनता के सामने यह सवाल रखने की तैयारी में है कि घोषणाएं तो बहुत हुर्इं, लेकिन जमीन पर काम क्यों नहीं हुआ? निधि मंजूर हुई तो काम शुरू क्यों नहीं हुआ? और काम शुरू हुआ तो वह वर्षों से अधूरा क्यों पड़ा है?
‘डेवलपमेंट डिलीट, डेवलपमेंट डिनाइड’ से सरकार पर हमला
इससे पहले ३ सितंबर को शिवसेना नेता व युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे की मौजूदगी में मराठवाड़ा के विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया था। ‘डेवलपमेंट डिलीट, डेवलपमेंट डिनाइड’ के नारे के साथ किए गए इस प्रस्तुतीकरण में निधि के अभाव में रुकी योजनाओं और अधूरे प्रकल्पों को सामने लाया गया। अब इसी मुद्दे को शिवसेना ने क्षेत्र के जिलों में आंदोलन का रूप दे दिया है। शिवसेना का आरोप है कि घोषणाओं और भूमिपूजन से आगे बढ़कर महायुति सरकार जमीनी स्तर पर विकास कार्यों को गति देने में विफल रही है। शिवसेना नेता अंबादास दानवे ने बताया कि आंदोलन को केवल भाषण और सभाओं तक सीमित न रखते हुए सीधे उन स्थानों पर पहुंचने का फैसला किया है, जहां विकास परियोजनाएं प्रस्तावित थीं, लेकिन अभी तक पूरी नहीं हुर्इं। छत्रपति संभाजीनगर, जालना, परभणी, हिंगोली, धाराशिव, लातूर, नांदेड और बीड सहित मराठवाड़ा के विभिन्न जिलों में स्थानीय शिवसैनिक और पदाधिकारी संबंधित प्रकल्प स्थलों पर पहुंचकर सरकार से जवाब मांग रहे हैं।
