-ईरान ने १० जहाजों पर हमला किया, अमेरिका ने ५ ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाया
-कच्चा तेल त्र्१०० पार, भारत में महंगाई की नई लहर का खतरा
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
अमेरिका और ईरान के बीच छह महीने से जारी युद्ध अब दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तेल धमनी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर महायुद्ध की शक्ल लेता दिखाई दे रहा है। ईरान ने बुधवार को होर्मुज के आसपास १० जहाजों पर हमला करने का दावा किया, जबकि इससे एक दिन पहले अमेरिकी सेना ने पांच ईरानी तेल टैंकरों को तबाह कर दिया था। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा अमेरिकी युद्धपोत को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश के जवाब में की गई।
ईरान के हाथ लगा अमेरिका का हाईटेक ‘समुद्री जासूस’!
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया है कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के प्रवेश क्षेत्र में अमेरिका की अत्याधुनिक मानवरहित अंडरवॉटर प्रणाली ‘डाइव-एलडी’ को कब्जे में ले लिया है। करीब छह मीटर लंबा यह स्वायत्त वाहन निगरानी, समुद्र तल की मैपिंग और बारूदी सुरंगों की पहचान जैसे अभियानों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। निर्माता एंडुरिल के अनुसार, यह ६,००० मीटर तक की गहराई में लगभग १० दिन काम कर सकता है। ईरान ने इसे बड़ी खुफिया और सैन्य सफलता बताया है। हालांकि अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह ड्रोन एक दिन पहले ही खराब हो गया था और इसमें कोई संवेदनशील या गोपनीय उपकरण नहीं थे। एंडुरिल ने भी वाहन के खोने की पुष्टि की है। होर्मुज में जहाजों पर लगातार हमलों के बीच यह घटना समुद्री तकनीकी युद्ध को और तेज करने वाली मानी जा रही है।
