मुख्यपृष्ठनए समाचारचंद दिनों की मेहमान है `महायुति?'

चंद दिनों की मेहमान है `महायुति?’

-राज्य के कोने-कोने में दिख रहा है शिंदे गुट-भाजपा में टकराव
-कहीं `देवाभाऊ’ को राज्यमंत्री दिखा रहे `आंखें, कहीं सीएम की बात ही नहीं सुन रहे!

रामदिनेश यादव / मुंबई

महाराष्ट्र की `महायुति’ सरकार में सब कुछ ठीक होने के दावों के बीच सहयोगी दलों की खींचतान अब खुलकर सामने आती दिख रही है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भाजपा और शिंदे गुट के नेताओं के बीच बयानबाजी और अधिकारों को लेकर टकराव के सुर तेज हैं। कहीं राज्यमंत्री मुख्यमंत्री को आंखें दिखा रहे हैं, तो कहीं सीएम की अपील को ही दरकिनार किया जा रहा है। सवाल उठ रहा है, क्या महायुति में दरार अब चौड़ी होती जा रही है?
बता दें कि महाराष्ट्र में गणेशोत्सव से पहले डीजे और ध्वनि प्रदूषण का मुद्दा अब महायुति सरकार के लिए नया सिरदर्द बनता दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जहां पारंपरिक तरीके से और कम से कम ध्वनि प्रदूषण के साथ गणेशोत्सव मनाने की अपील की है, वहीं उनके ही मंत्रिमंडल के गृह राज्यमंत्री योगेश कदम ने अलग रुख अपनाते हुए कहा है कि हिंदू त्योहार मनाते समय आवाज बंद नहीं होगी। कदम की भूमिका के बाद सवाल उठने लगा है कि जब सरकार के मुखिया ही कम ध्वनि की अपील कर रहे हैं, तो उनके मंत्रिमंडल का मंत्री खुले तौर पर अलग नीति की बात क्यों कर रहा है। यह टकराव महज डीजे तक सीमित नहीं माना जा रहा। राजनीतिक गलियारों में इसे महायुति के भीतर विचारधारा, श्रेय और हिंदुत्व की राजनीति को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा से जोड़कर देखा जा रहा है।
-अच्छे खाने के लिए शादी में लगा रहे `कमल’ का बैज!
-सहयोगी शिंदे गुट ने ही कर दी भाजपा की पोल खोल
शिंदे गुट ने भाजपा की पोल खोलना शुरू कर दिया है। शिंदे गुट ने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के कमल के बैज लगाने को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा के लोग शादी समारोह में भी कमल का बैज लगाकर जाते हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि शायद उन्हें लगता है कि बैज लगाने से अच्छा खाना मिलेगा।

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