-९०४ प्रतिनियुक्ति पद मंजूर, ५४९ पर नियुक्तियां; ३५५ पद खाली, फिर भी कार्यालयों में अतिरिक्त अधिकारी-कर्मचारी
सुनील ओसवाल / मुंबई
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और राज्यमंत्री कार्यालयों में अधिकारियों-कर्मचारियों की नियुक्तियों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने मुख्यमंत्री सचिवालय सहित मंत्री और राज्यमंत्री कार्यालयों के लिए प्रतिनियुक्ति के कुल ९०४ पद मंजूर किए हैं। इनमें से ५४९ पदों पर नियुक्तियां हो चुकी हैं, जबकि ३५५ पद अब भी खाली हैं। इसके बावजूद कई मंत्री कार्यालयों में स्वीकृत संख्या से कहीं अधिक अधिकारी-कर्मचारी काम कर रहे होने की जानकारी सामने आने से नियुक्तियों की पूरी व्यवस्था सवालों के घेरे में है।
२५ अगस्त को जारी परिपत्र में नियमों के विरुद्ध अस्थायी व्यवस्था अथवा मौखिक आदेश से मंत्री कार्यालयों में काम कर रहे अधिकारियों-कर्मचारियों को उनके मूल विभाग में वापस भेजने का निर्देश दिया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री कार्यालय समेत सभी मंत्री एवं राज्यमंत्री कार्यालयों को २७ अगस्त और ३ सितंबर को नोटिस भेजे गए। नोटिस में कार्रवाई कर उसकी रिपोर्ट सामान्य प्रशासन विभाग को सौंपने को कहा गया है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक कई कार्यालयों ने अब तक अपेक्षित रिपोर्ट नहीं भेजी है।
निजी सचिव बनकर कौन चला रहा विभाग?
सूत्रों के अनुसार, कुछ मंत्री कार्यालयों में स्वीकृत पदों की तुलना में दोगुने-तिगुने अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं। कुछ अधिकारियों के मुख्यमंत्री कार्यालय की अनुमति के बिना निजी सचिव के रूप में काम करने और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश देने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
३५५ पद खाली, फिर अतिरिक्त कर्मचारी कौन और कैसे?
सामान्य प्रशासन विभाग को आशंका है कि स्वीकृत पदों के अलावा कई अधिकारियों-कर्मचारियों को अस्थायी व्यवस्था या मौखिक आदेश के आधार पर मंत्री आस्थापना में तैनात किया गया है। विभाग के अनुसार, सरकारी नियमों में इस तरह की नियुक्ति का प्रावधान नहीं है। ऐसे में अब नियमों के विपरीत हुई तैनातियों को खत्म करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
