-मां गंगा ने पखारे बजरंगबली के चरण…शंखनाद और जयकारों से गूंजा संगम
राजेश सरकार / प्रयागराज
त्रिवेणी संगम से करीब 800 मीटर दूर बंधवा स्थित श्री बड़े हनुमान जी मंदिर में 13 दिन के जलशयन के बाद शनिवार को रुद्रावतार के दर्शन को भक्तों के लिए कपाट खोल दिए गए। मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के जलस्तर में वृद्धि के चलते जलशयन में गए संकटमोचन के दर्शन होते ही श्रद्धालुओं में खुशी की लहर दौड़ गई। शनिवार शाम पांच बजे आरती के बाद मंदिर के कपाट खोले गए। इसके साथ ही घंटा-घड़ियाल, शंखनाद और जयकारों से पूरा संगम क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
पंचामृत अभिषेक के बाद हुआ भव्य श्रृंगार
मां गंगा के वापस लौटने के बाद बाघंबरी मठ के महंत बलबीर गिरि जी महाराज के नेतृत्व में लेटे हनुमान जी का पंचामृत से अभिषेक किया गया। विधिवत पूजा-अर्चना और आरती के बाद प्रभु का भव्य शृंगार किया गया। इसके पश्चात श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिला।
गंगा के चरण पखारने पर आस्था का उल्लास
संगम तट पर विश्राम मुद्रा में विराजमान लेटे हनुमान जी के चरण पखारने मां गंगा हर वर्ष आती हैं। इस बार भी गंगा का जलस्तर बढ़ने से बजरंगबली जलशयन में चले गए थे। 13 दिन बाद जलस्तर घटने और मां गंगा के वापस लौटने पर मंदिर के कपाट खोले गए।
महंत बलबीर गिरि जी महाराज ने बताया कि मान्यता है कि मां गंगा द्वारा हनुमान जी को स्नान कराने के बाद प्रयागराज में खुशियां आती हैं। यही प्रयागराज की अनूठी आस्था है, जहां गंगा का बढ़ता जलस्तर भी भक्तों के लिए संकट नहीं, बल्कि बजरंगबली के चरण पखारने का शुभ अवसर बन जाता है।
