मुख्यपृष्ठनए समाचारजेएसडब्ल्यू ने ऐम्पस्टार के साथ लॉन्च किया इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहन

जेएसडब्ल्यू ने ऐम्पस्टार के साथ लॉन्च किया इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहन

सोम प्रकाश

जेएसडब्ल्यू समूह की वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक (विद्युत्) वाहन कंपनी, जेएसडब्ल्यू ग्रीनटेक लिमिटेड ने आज अपना ब्रांड – ऐम्पस्टार लॉन्च किया। कंपनी, इसके तहत भारत में इलेक्ट्रिक बसें और ट्रक डिज़ाइन करेगी, इनका विनिर्माण और बिक्री करेगी। इस ब्रांड को ‘ऐम्पस्टार: पावर्ड बाय जेएसडब्ल्यू’ के तौर पर पेश किया जाएगा।

ऐम्पस्टार गाड़ियां भारत की सबसे बड़ी एकीकृत ईवी विनिर्माण इकाई में बनाई जाएंगी। यह संयंत्र महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एयूआरआईसी में 90 एकड़ में फैला है और इसकी सालाना क्षमता 15,000 इलेक्ट्रिक बसें और ट्रक बनाने की है। इस संयंत्र में बस बनाने के लिए प्री-ट्रीटमेंट और इलेक्ट्रो-डिपोज़िशन (पीटी-ईडी) प्रक्रिया होगी। जेएसडब्ल्यू ग्रुप के चेयरमैन सज्जन जिंदल ने कहा, “जब हमने इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहन खंड में प्रवेश करने का फैसला किया, तो मैंने इसे राष्ट्र निर्माण की दिशा में उठाए जा रहे कदम के तौर पर देखा यानी भारत के लोगों का परिवहन और सामान ढुलाई आयातित ईंधन के बजाय भारत में बनी बिजली की मदद से करना। वैश्विक तेल की कीमत का नियंत्रण हमारे हाथ में नहीं है। लेकिन हम उन पर अपनी निर्भरता पर लगाम लगा सकते हैं। यदि मुझे ऐम्पस्टार से जुड़े हमारे उद्देश्य को एक वाक्य में बताना हो, तो वह है: हम चाहते हैं कि ऐम्पस्टार, भारत के परिवहन के तरीके में आमूल बदलाव लाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाए। जेएसडब्ल्यू समूह के पार्थ जिंदल ने कहा, “ऐम्पस्टार वाणिज्यिक वाहन खंड में जेएसडब्ल्यू अपना पूरा सामर्थ्य लेकर आ रहा है, जिसका एक ही उद्देश्य है: भारत के लोगों के परिवहन और सामान ढुलाई के तरीके में आमूल बदलाव। ग्रीनटेक लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी, सुमित मित्तल ने कहा “ऐम्पस्टार, इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहन से जुड़े हमारे विशिष्ट दृष्टिकोण को रेखांकित करता है, और आज इसकी शुरुआत हो रही है। हम इन गाड़ियों को भारत में ही पूरी तरह से डिज़ाइन, इंजीनियर और तैयार कर रहे हैं। हमारे वाहनों की रेंज हर तरह की ज़रूरत को पूरा करने के लिए तैयार की गई है। जहां तक बसों का सवाल है तो हमारे पोर्टफोलियो में 7 मीटर से लेकर 18 मीटर तक की बसें होंगी, जो कर्मचारियों के आवागमन के साथ-साथ शहर के भीतर और शहरों के बीच परिवहन तथा स्कूल परिवहन जैसी विभिन्न ज़रूरतों को पूरा करेंगी। ट्रकों के मामले में, हम 55-टन वाले ट्रैक्टर-ट्रेलर से शुरुआत कर रहे हैं – जो सबसे मुश्किल वाहन डिज़ाइनों में से एक है।

अन्य समाचार