-वित्त मंत्री पर फूटा मोबाइल कारोबारियों का गुस्सा
-चिट्ठी लिखकर जताई चिंता
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
यूपीआई पर प्रस्तावित एमडीआर चार्ज को लेकर मोबाइल कारोबारियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। सरकार की ओर से २,००० रुपए से अधिक के चुनिंदा यूपीआई मर्चेंट पेमेंट पर ०.४० फीसदी एमडीआर लागू करने की घोषणा के बाद ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर छोटे और मध्यम मोबाइल दुकानदारों को इस शुल्क से पूरी तरह छूट देने की मांग की है। कारोबारियों का कहना है कि मोबाइल रिटेल का मुनाफा पहले ही बेहद कम है। ऐसे में यूपीआई पर अतिरिक्त शुल्क लगा तो कमाई का बड़ा हिस्सा फीस में चला जाएगा और हमारा कारोबार डूब जाएगा। हमारा अस्तित्व खतरे में है।
एआईएमआरए के मुताबिक, देशभर में करीब १.५० लाख छोटे मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानदार इस समस्या से प्रभावित हो सकते हैं। एसोसिएशन ने दावा किया कि मोबाइल दुकानदारों का शुद्ध मार्जिन आमतौर पर महज ०.७५ फीसदी से १.५० फीसदी के आसपास रहता है। ऐसे में ०.४० फीसदी एमडीआर उनके मुनाफे पर सीधा दबाव डाल सकता है। उदाहरण के तौर पर १० लाख रुपए के मासिक यूपीआई कारोबार पर करीब ४ हजार रुपए और ४० लाख रुपए के कारोबार पर करीब १६ हजार रुपए का अतिरिक्त शुल्क बैठ सकता है।
नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष बोले, `फैसला वापस ले सरकार’
हाल ही में नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने सरकार के इस पैâसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार को सलाह देते हुए कहा है कि यूपीआई पेमेंट को कम से कम कुछ और सालों तक प्रâी रखना चाहिए। दुकानदारों से चार्ज लेना सही नहीं होगा।
