-मेडिसिन-ऑर्थोपेडिक ओपीडी के बाहर जमा हो रहा पानी
-नई इमारत की गुणवत्ता पर उठे सवाल
संदीप पांडेय / मुंबई
मुंबईकरों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए करीब ४५० करोड़ रुपए की लागत से तैयार किए गए मुलुंड-पश्चिम स्थित श्रीमती मनसादेवी तुलसीराम अग्रवाल मनपा अस्पताल की नई इमारत में उद्घाटन के कुछ ही महीनों बाद लीकेज और फफूंदी की समस्या सामने आने से सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल का उद्घाटन १४ दिसंबर २०२५ को हुआ था। अब मेडिसिन और ऑर्थोपेडिक ओपीडी के आसपास एसी/पानी के लीकेज के कारण फर्श पर पानी जमा हो रहा है। इसी रास्ते से रोजाना मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही होती है। वहीं साइड की दीवार और छत से पानी आने तथा छत पर फफूंदी जमने की शिकायत ने नई इमारत के निर्माण और रखरखाव की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मेडिसिन और ऑर्थोपेडिक ओपीडी में बड़ी संख्या में मरीज आते-जाते हैं। इनमें बुजुर्ग और चलने-फिरने में परेशानी वाले मरीज भी शामिल होते हैं। ऐसे में ओपीडी के बाहर फर्श पर पानी जमा रहना दुर्घटना का कारण बन सकता है। यदि कोई मरीज या बुजुर्ग फिसलकर घायल हो जाता है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
नई छत पर फफूंदी ने बढ़ाई चिंता
मामला केवल फर्श पर जमा पानी तक सीमित नहीं है। साइड की दीवार और छत से पानी आने के कारण छत पर फफूंदी/फंगल ग्रोथ दिखाई देने की शिकायत है। अस्पताल जैसी जगह पर नमी और फफूंदी को सामान्य रखरखाव की समस्या मानकर टालना उचित नहीं होगा। खासकर तब, जब इमारत को जनता के लिए खोले अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ है।
