-ठाणे में हर पांच दिन में एक हत्या फडणवीस सरकार पर सवाल आठ महीनों में ५७ हत्याएं
सुनील ओसवाल / मुंबई
ठाणे में कानून का खौफ कम हो रहा है या अपराधियों का हौसला बढ़ रहा है? राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गढ़ में महज आठ महीनों में ५७ हत्याएं और ९२ हत्या के प्रयास दर्ज होना इसी सवाल को सामने खड़ा करता है। यानी ठाणे पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में औसतन हर पांच दिन में एक हत्या हुई। सितंबर के आखिरी सप्ताह में तो स्थिति और गंभीर दिखी। पुलिस उपनिरीक्षक किसन भोईर की हत्या के महज पांच दिन बाद राजनीतिक पदाधिकारी प्रदीप पूर्णेकर की हत्या ने शहर की कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर तीखा सवालिया निशान लगा दिया। राज्य के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के राजनीतिक गढ़ ठाणे में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ठाणे पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में जनवरी से अगस्त तक आठ महीनों में ८,३५४ प्रमुख अपराध दर्ज किए गए। इनमें ५७ हत्या और ९२ हत्या के प्रयास शामिल हैं। यानी इस अवधि में औसतन हर पांच दिन में एक हत्या हुई। जुलाई में सबसे अधिक ११ हत्याएं दर्ज की गर्इं।
आठ महीनों के ये आंकड़े ऐसे समय सामने आए हैं, जब सितंबर के अंतिम सप्ताह में महज पांच दिनों के अंतर पर पुलिस अधिकारी और राजनीतिक पदाधिकारी की हत्या ने पूरे शहर को झकझोर दिया। घटनाओं की वजह अलग-अलग बताई जा रही है, लेकिन लगातार सामने आ रही गंभीर वारदातों ने ठाणे की कानून-व्यवस्था और पुलिस के अपराध नियंत्रण पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
२४ सितंबर को गणेशोत्सव के बंदोबस्त के दौरान पोखरण रोड नंबर-२ पर पुलिस उपनिरीक्षक किसन भोईर पर हमला किया गया। उनके सिर पर सीमेंट की ईंट से वार किया गया, जिसमें उनकी मौत हो गई। पुलिस अधिकारी की ड्यूटी के दौरान हुई इस हत्या से पुलिस महकमे में भी खलबली मच गई।
इस घटना के ठीक पांच दिन बाद, २९ सितंबर को मानपाड़ा क्षेत्र में शिवसेना के विभाग प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर पर गोलीबारी की गई और धारदार हथियार से हमला किया गया। इस घटना के बाद ठाणे में राजनीतिक पदाधिकारियों की सुरक्षा और शहर में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को लेकर सवाल उठे। इन दो घटनाओं से पहले भी सितंबर में ठाणे शहर में हत्या की दो घटनाएं सामने आई थीं। कापुरबावड़ी क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय में जाने को लेकर हुए विवाद में राजू गुजराथी की हत्या कर दी गई। इसके बाद वागले एस्टेट रोड नंबर-३४ पर पुराने विवाद को लेकर संदीप सालवे पर पांच लोगों ने कोयते से हमला किया। इन घटनाओं में भी कारण अलग-अलग बताए गए, लेकिन महीने के उत्तरार्ध में लगातार हुई हत्याओं ने चिंता बढ़ा दी।
जुलाई में सबसे ज्यादा ११ हत्याएं
जनवरी से अगस्त तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो हत्या के मामले हर महीने सामने आए। मार्च में नौ, अप्रैल में पांच, मई में नौ, जून में आठ, जुलाई में ११ और अगस्त में आठ हत्याएं दर्ज हुर्इं। इन आंकड़ों के मुताबिक जुलाई हत्या के मामलों के लिहाज से सबसे अधिक संवेदनशील महीना रहा। इसी अवधि में हत्या के प्रयास के भी ९२ मामले दर्ज किए गए। कुल ८,३५४ प्रमुख अपराधों का आंकड़ा यह बताता है कि ठाणे पुलिस आयुक्तालय के सामने अपराध नियंत्रण की चुनौती लगातार बनी हुई है।
