मुख्यपृष्ठनए समाचारफॉर्म-६ पर सीजेआई की दो टूक...ज्ञानेश कुमार पर चौतरफा घेरा

फॉर्म-६ पर सीजेआई की दो टूक…ज्ञानेश कुमार पर चौतरफा घेरा

-‘कितनों को गिरफ्तार करोगे, अमित शाह?’ १० अक्टूबर को दिल्ली में बड़े प्रदर्शन का एलान

सामना संवाददाता / नई दिल्ली

एसआईआर और मतदाता सूची में बदलाव का विवाद अब सुप्रीम कोर्ट से सड़कों तक पहुंच गया है। एक ओर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने साफ कहा कि फॉर्म-६ में किए गए किसी भी बदलाव को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी नहीं दी; दूसरी ओर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर १० अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है। सीजेपी नेताओं ने गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को खुली चुनौती दी है, ‘कितनों को गिरफ्तार करोगे, अमित शाह? १० अक्टूबर को पूरा देश आ रहा है।’
‘हमने बदलाव मंजूर नहीं किया’
सोमवार को ज्ञानेश कुमार से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने फॉर्म-६ में बदलाव का मुद्दा उठने पर स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट ने कोई संशोधित प्रारूप मंजूर नहीं किया है। पीठ ने कहा कि निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट आने पर वह देखेगी कि बदलाव किसने और कैसे किया। फॉर्म-६ पहली बार मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने वाले नागरिक भरते हैं। संशोधित फॉर्म में आवेदक से यह घोषणा मांगे जाने की खबर है कि उसका या उसके माता-पिता/दादा-दादी का नाम पुरानी एसआईआर मतदाता सूची में था या नहीं। आलोचकों का कहना है कि इससे नए मतदाताओं के लिए नाम जुड़वाना कठिन हो सकता है। कोर्ट ने अभी बदलाव को अवैध घोषित नहीं किया है, लेकिन आयोग के स्पष्टीकरण और बदलाव की जिम्मेदारी पर सवाल जरूर खड़ा किया है।
‘१० अक्टूबर को पूरा देश आ रहा है’
मुंबई में प्रदर्शन के बाद सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने १० अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े आंदोलन का आह्वान किया है। उनकी मांग है कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और एसआईआर से जुड़े विवादित फैसलों की जांच हो। दीपके ने अमित शाह को संबोधित करते हुए कहा, ‘कितनों को गिरफ्तार करोगे? १० अक्टूबर को पूरा देश आ रहा है।’ यह चुनौती ऐसे समय आई है, जब दिल्ली में पिछले प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की खबरें आई थीं। सीजेपी का कहना है कि दिल्ली में जुटान शांतिपूर्ण होगा और चुनावी निष्पक्षता तथा मताधिकार के सवाल पर आंदोलन आगे बढ़ेगा।
गिरफ्तारी की आशंका, सरकार पर दमन का आरोप
सीजेपी सह-संयोजक सौरव दास ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि सरकार १० अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले उन्हें, अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका, रत्ना सिंह और पार्टी के अन्य नेताओं को गिरफ्तार करने की योजना बना रही है। दास ने अपने दावे के समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई प्रमाण नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि नेताओं की गिरफ्तारी से आंदोलन नहीं रुकेगा और समर्थक उनके बिना भी प्रदर्शन जारी रखें।
दीपके का हमला: ‘ज्ञानू देश के लिए बोझ’
दीपके ने ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘देश का सबसे बड़ा गद्दार’ कहा और इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पर भाजपा का दबदबा है और एसआईआर से मतदाता सूची की निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं। सीजेपी की मांग है कि एसआईआर रोकी जाए, जनवरी २०२५ की मतदाता सूची बहाल हो और विवादित फैसलों की स्वतंत्र जांच कराई जाए। ये पार्टी के आरोप और मांगें हैं; इन पर अदालत का अंतिम फैसला नहीं आया है। अब सवाल सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी का नहीं, फॉर्म-६ में बदलाव किसने किया, आयोग ने उसे किस आधार पर लागू किया और पहली बार वोटर बनने जा रहे नागरिकों के लिए प्रक्रिया कितनी निष्पक्ष है? सुप्रीम कोर्ट ने रिपोर्ट मांगी है; सीजेपी ने जनता को दिल्ली बुलाया है। १० अक्टूबर को जंतर-मंतर पर यह टकराव कितना बड़ा होगा, इस पर देश की नजर रहेगी।

अन्य समाचार