मुख्यपृष्ठनए समाचारमोदी का पिंरदा, ज्ञानू दिंरदा!

मोदी का पिंरदा, ज्ञानू दिंरदा!

 – मुंबई के युवाओं ने लिया संकल्प सरकार से ले कर रहेंगे अपना हक
-संघर्ष कर मर मिटेंगे और सरकार को बेदखल कर देंगे

द्रुप्ति झा / मुंबई

पिछले कई दिनों से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे देने की मांग को लेकर मुंबई में प्रदर्शन चल रहा है। लेकिन सरकार के अपने ढीठ रवैए से परेशान मुंबईकर ने अब ठान लिया है कि अब वो संघर्ष कर अपना अधिकार सरकार से ले कर रहेंगे और बेदखल कर देंगे। देशभर से और विभिन्न राज्यों से सपनों की नगरी मुंबई पहुंचे युवाओं, छात्रों और समाज के हर वर्ग के लोगों ने रविवार को फिर एक बार ऐतिहासिक शिवाजी पार्क पर हुंकार भरी। प्रदर्शनकारियों के तेवर बेहद आक्रामक नजर आए, जहां ें एलान किया गया कि अब आर-पार की लड़ाई होगी और सरकार से अपना हक लेकर ही रहेंगे। तो वहीं पर समाज सेवक अहमद शेख ने कहा कि मैं संकल्प लेता हूं कि भारत के युवाओं के हक़ और अधिकारों के लिए आखिरी सांस तक लड़ूंगा। युवाओं के सपनों, उनके भविष्य और उनके अधिकारों की आवाज बनना ही मेरा उद्देश्य है। चाहे रास्ते में कितनी भी मुश्किलें आएं, चाहे कितनी भी कुर्बानियां देनी पड़ें, मैं युवाओं के हक की लड़ाई से पीछे नहीं हटूंगा।
सरकार के आक्रामक रुख और पुलिस प्रशासन पर बरसे युवा
हाल ही में सीजेपी नेताओं की गिरफ्तारियों और देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा गया। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस तंत्र का इस्तेमाल करके युवाओं की आवाज को कुचलना चाहती है, लेकिन देश का युवा अब जाग चुका है और दमनकारी नीतियों के आगे नहीं झुकेगा।
संघर्ष और बलिदान के लिए तैयार हैं युवा
शिवाजी पार्क में उमड़ी भारी भीड़ के बीच युवाओं का गुस्सा साफ झलक रहा था। देश के अलग-अलग राज्यों से आए युवाओं का कहना था कि तानाशाही रवैया अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने बुलंद आवाज में कहा कि हम संघर्ष करके मर मिटने को तैयार हैं, लेकिन अपने अधिकारों पर आंच नहीं आने देंगे। अगर सरकार हमारी आवाज को दबाने की कोशिश करेगी, तो इस जन-आंदोलन के जरिए सरकार को पूरी तरह बेदखल कर दिया जाएगा।

अन्य समाचार