आर्थिक स्थिति गडबड़ाई; अब प्रशासन जुटाएगा १० हजार करोड़ रुपए
सामना संवाददाता / मुंबई
देश की सबसे अमीर कहलाने वाली मनपा पर २.३४ लाख करोड़ रुपये की देनदारी है। मुंबई के विकास के लिए बड़े-बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट चलाने वाली मनपा अब इन परियोजनाओं के लिए ग्रीन बॉन्ड के जरिए १० हजार करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी कर रही है। इससे मनपा की वित्तीय स्थिति और भविष्य में बढ़ने वाले आर्थिक बोझ को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मनपा ग्रीन बॉन्ड जारी कर पर्यावरण अनुकूल परियोजनाओं के लिए पूंजी जुटाना चाहती है। इस राशि का इस्तेमाल बुनियादी ढांचे और टिकाऊ विकास से जुड़े कार्यों में किया जाएगा। ग्रीन बॉन्ड के जरिए जुटाई गई रकम निर्धारित परियोजनाओं पर खर्च की जा सकती है।
मनपा के सामने एक ओर मुंबई में सड़क, जलापूर्ति, सीवेज ट्रीटमेंट और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर इन परियोजनाओं के लिए लगातार बढ़ते वित्तीय संसाधनों की जरूरत है। यह स्थिति बताती है कि बड़े विकास कार्यों के लिए मनपा अपने जमा संसाधनों का भी इस्तेमाल कर रही है। ऐसे में सवाल है कि आने वाले वर्षों में परियोजनाओं का खर्च और देनदारियां बढ़ीं, तो मनपा अपनी वित्तीय स्थिरता वैâसे बनाए रखेगी?
विकास के नाम पर बढ़ता आर्थिक बोझ
मनपा की देनदारियों में बड़ी हिस्सेदारी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की है। फरवरी २०२६ में पेश बजट के दौरान मनपा की कुल देनदारी २.४४ लाख करोड़ रुपए बताई गई थी। उस समय लगभग २.१३ लाख करोड़ रुपए विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से जुड़े थे। अब ताजा रिपोर्ट में देनदारी २.३४ लाख करोड़ रुपए बताई गई है।
