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सरकार की तानाशाही के खिलाफ युवा शक्ति की हुंकार…ज्ञानेश कुमार, तुमको जाना ही होगा!

-आजाद मैदान में गरजा `लहरा दो तिरंगा’ आंदोलन
-वोट चोरी के खिलाफ मुंबई के जेन-जी ने फिर उठाई आवाज

सामना संवाददाता / मुंबई

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शुक्रवार को मुंबई के आजाद मैदान में ‘लहरा दो तिरंगा’ आंदोलन किया। एसआईआर में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ मुंबई के युवाओं ने दिनभर मैदान में डटे रहकर विरोध प्रदर्शन किया। हाथों में तिरंगा लेकर उतरे जेन-जी के युवाओं ने ‘ज्ञानेश कुमार, तुमको जाना ही होगा’ और ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ जैसे नारे लगाकर पूरे परिसर को गुंजायमान कर दिया। चिलचिलाती धूप के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। इस आंदोलन में मुंबई शहर और उपनगरों के संविधान समर्थक युवक-युवतियां बड़ी संख्या में शामिल हुए। ‘भवन सिंह जन अधिकार यात्रा’ और ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन’ सहित विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भी आंदोलन में हिस्सा लिया।
तिरंगा लहराना गुनाह है क्या?
अंजली दमानिया ने बोला हमला
सामाजिक एवं आरटीआई कार्यकर्ता अंजली दमानिया ने सरकार को घेरते हुए सवाल उठाया कि तिरंगा लहराना कौन-सा गुनाह है, जिसके लिए लोगों को तिहाड़ जेल भेजना पड़े? सीएसएमटी के निकट आजाद मैदान और मनपा मुख्यालय के बाहर हुए प्रदर्शन में प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय ध्वज लेकर जुटे। मौके पर भारी पुलिस बंदोबस्त रहा। दमानिया ने आरोप लगाया कि सरकार विरोध की आवाज से घबरा गई है और सवालों का जवाब देने के बजाय कार्रवाई के जरिए आंदोलन को रोकना चाहती है।
ईवीएम पर प्रतिबंध लगाओ, एसआईआर रद्द करो!
प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में तख्तियां लहरार्इं। उन्होंने मांग की कि चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं, ईवीएम पर प्रतिबंध लगाया जाए, एसआईआर रद्द किया जाए और ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाए।

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