अभिनेत्री मृणाल ठाकुर को सिर्फ पर्दे पर खूबसूरत दिखने का शौक नहीं, उन्हें अभिनय का दम दिखाने वाला किरदार चाहिए! ‘पूजा मेरी जान’ में रिजेक्शन जैसे गंभीर मुद्दे को उठाने वाली मृणाल का कहना है कि वह ऐसी फिल्मों से दूर रहना चाहती हैं, जिनमें कहने को कुछ न हो और परफॉर्मेंस का मौका भी न मिले। मृणाल ने बताया कि उन्होंने यह फिल्म आठ साल पहले ‘लव सोनिया’ के तुरंत बाद साइन की थी। वह कमर्शियल और गंभीर फिल्मों के बीच संतुलन बनाना चाहती हैं। तब्बू, विद्या बालन, करीना कपूर और श्रीदेवी से प्रेरणा लेने वाली मृणाल बायोपिक करने से भी थोड़ा डरती हैं। रिजेक्शन पर उनका फंडा भी साफ है, एक दरवाजा बंद हो तो दूसरे खुलते हैं! मृणाल के मुताबिक, रिजेक्शन के बाद ही उन्हें ‘लव सोनिया’ और ‘सीता रमम’ जैसी फिल्में मिलीं। अब उनका इरादा साफ है, फिल्में कम या ज्यादा नहीं, बस किरदार दमदार होने चाहिए!
