मुख्यपृष्ठनए समाचारबुजुर्गों की जिंदगीभर की कमाई पर डकैती!

बुजुर्गों की जिंदगीभर की कमाई पर डकैती!

-फडणवीस पुलिस का साइबर सुरक्षा तंत्र फेल
-सैकड़ों बुजुर्गों से एक अरब से ज्यादा की हुई ठगी
फिरोज खान / मुंबई
मुंबई में साइबर अपराधियों ने अब वरिष्ठ नागरिकों को निशाना बनाकर उनकी जिंदगीभर की मेहनत की कमाई लूटने का खतरनाक सिलसिला जारी है। कोई खुद को पुलिस अधिकारी बताता है तो कोई सीबीआई या राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का अफसर बनकर फोन करता है। फर्जी दस्तावेज, गिरफ्तारी का डर और वीडियो कॉल पर पूछताछ का नाटक रचकर बुजुर्गों को इस कदर आतंकित किया जाता है कि वे अपनी जमा-पूंजी तक ठगों के हवाले कर देते हैं। पिछले १० महीनों में सैकड़ों बुजुर्गों से एक अरब से ज्यादा रुपए की ठगी हो चुकी है, इससे यही साबित होता है कि राज्य के मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस का साइबर पुलिस सुरक्षा तंत्र बुरी तरह फेल है। ताजा एक मामले में ६७ वर्षीय महिला को फर्जी एनआईए अधिकारी बनकर आतंकवाद से जुड़े मामले में फंसाने का डर दिखाया गया और ६१ लाख रुपए ठग लिए गए।
साइबर पुलिस कबाड़
सिस्टम के भरोसे
साइबर क्रिमिनल दिनों दिन एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं और साइबर पुलिस कबाड़ सिस्टम के भरोसे काम कर रही है, नतीजा दिनों दिन साइबर क्राइम बढ़ता जा रहा है।
मुंबई में वरिष्ठ नागरिकों के साथ साइबर ठगी के मामलों पर उपलब्ध आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं। वर्ष २०२५ में मुंबई के १२१ बुजुर्ग साइबर ठगी का शिकार हुए और करीब १०१ करोड़ रुपए गंवाए, जबकि जनवरी से अक्टूबर २०२५ के बीच डिजिटल अरेस्ट के १४२ मामलों में ११४ करोड़ रुपये की ठगी की खबर सामने आई । जनवरी से अगस्त २०२६ के बीच ४,२५४ साइबर अपराध दर्ज किए गए, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के २,९४८ मामलों से लगभग ४४ प्रतिशत अधिक हैं।

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