-बुलाकी शर्मा राजस्थान
अेक जेन-जी कवि आपरै पैलै कविता संग्रै री भूमिका म्हासूं लिखावणी चावै। म्हैं बीं नैं समझायो वैâ कविता रो क्को ई म्हारै पल्लै कोनी पड़ै। कवितावां ना म्हासूं लिखीजै अर ना बांचीजै जणै ई हास्य-व्यंग्य नैं झाल राख्यो है। भ्रष्टाचार, अत्याचार, व्यभिचार, मिथ्याचार, दुराचार री खबरां मानखै री संवेदना नैं झकझोरै पण न्यूज चैनल, न्यूज पोर्टल आं मांय कूड़ रो तड़को लगाय’र’ पंचभेळ रो अचार ‘बणा’र पुरसै अर आपरी टीआरपी बधावै। अेक व्यंग्यकार सारू अे ‘रा-मेटैरियल’ बणै। बांचतां ई व्यंग्यकार री आंगळ्यां लेपटॉप कै मोबाइल रै की-बोर्ड ऊपरां निरत्य करती नूंवी रचना रो जलम कराय’र ई रैवै। फेर निर्ममता सूं अखबारां री मांग मुजब सबदां री लिमिट में बांधण सारू चीर-फाड़ करीजै। डिलीट रै चक्कू सूं आपरै शरीर रै अंगां रै कटण री पीड़ झेलती रचना कुरळांवती रैवै पण व्यंग्यकार नैं सहन करणो पड़ै। क्यूंवैâ छपणो जरूरी अर छपण सारू पत्र-पत्रिकावां रै तै करियोड़ी सबद सीमा री पालना जरूरी।
रचना में व्यंग्य रा दो दाणा ई है कै नीं, मिनखीचारै रै पख में ऊभी है कै नीं, इण तहकीकात में टैम नीं गमाय’र बीं माथै ‘व्यंग्य’ रो ठप्पो लगाय’र अेवैकै -साथै पांच-सात अखबारां नैं तुरता-फुरत ई-मेल चेपै। संपादकां सूं मेल-मिलाप, मेल-जोल राखणिया रा मेल प्रॉयरर्टी सूं देखीजै। थाकल, बीमार, अपंग रचनावां ई ‘व्यंग्य’ रूप ठाठ सूं छपै। म्हारो ओ काम ठीक चाल रैयो है पण भूमिका लिखणो…!
‘इयां नट्यां कोनी चालै अंकलजी।’ भाईड़ो धार-बिचार’र आयोड़ो हो,’ आपसूं इम्प्रेस हुय ई आपसूं भूमिका लिखावण रो म्हारो मूड बण्यो है। बियां भूमिका लिखण नैं घणाई त्यार है।’
‘इम्प्रेस’ सबद रै प्रेसर सूं बीं सारू हेत-हिंवळास रा भाव जलम्या। म्हैं म्हारा भाव साम्हीं राखूं, बीं सूं पैला ई बो खुलासो करियो,’ व्यंग्य रो’ आधो व’ ई आप कोनी जाणो अंकल जी फेर ई आप धनाधन लिखता रैया हो। आपरै ई हौसलै सूं इम्प्रेस हुय’र ई आपसूं भूमिका लिखवा रैयो हूं।’
जेन-जी छोरा धोळा केसां रो ई संको नीं करै। सही लागै जियां निधड़क कैय देवै। सीनियरिटी तो खैर अळघी रैई। बीं फैसलो सुणायो,’ म्हैं कविता रा उसूलां सूं अणजाण, आप व्यंग्य रा उसूलां सूं अणजाण फेर ई दोनूं ठाठ सूं लिख रैया हां… आपांरी जोड़ी बेजोड़ रैसी अर आपरै लिख्योड़ी भूमिका ई बेजोड़।’
यंग कविजी बयीर हुयग्या है पण बां रै कविता संग्रै री पांडुलिपि म्हारी स्टडी टेबल माथै बिराज्योड़ी मुळक रैई है।
