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पटना की पॉलिटिक्स : बिहार के बयान बहादुर मंत्री की बर्खास्तगी की मांग तेज

-अरुण कुमार गुप्ता

बिहार में हत्या की घटनाओं पर सवाल उठे तो सरकार के मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा के बयान ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। मंत्री ने कहा कि बिहार बड़ा राज्य है और यहां हत्याएं होती रहती हैं। इस टिप्पणी पर राष्ट्रीय जनता दल की नेता रोहिणी आचार्य ने मुख्यमंत्री से मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की, जबकि केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने भी साफ कहा कि किसी आपराधिक घटना को छोटी-मोटी बताना या यह कहना कि ऐसी घटनाएं होती रहती हैं, उचित नहीं है। चिराग ने जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि अपराध की हर घटना की जांच होनी चाहिए और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना दिखाई जानी चाहिए। विपक्ष की बर्खास्तगी की मांग और एनडीए के घटक दल के नेता की सार्वजनिक असहमति ने एक सीधा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बिहार में हत्या जैसी गंभीर वारदात पर सरकार का जवाब कार्रवाई का भरोसा होगा या घटनाओं को सामान्य बताने वाला बयान? यह विवाद १७ अक्टूबर को भोजपुर जिले के आरा में सामने आया। रिपोर्टों के मुताबिक, पूर्व कस्टम अधिकारी और क्षत्रिय कल्याण संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रामकुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। इसी दौरान पत्रकारों ने भोजपुर में दो दिनों के भीतर दो लोगों की हत्या को लेकर सवाल किया। मंत्री ने कहा कि दोनों घटनाएं अलग-अलग हैं और उनके पीछे की वजह समझना जरूरी है। लेकिन बातचीत के दौरान उनका यह कहना कि बिहार बड़ा राज्य है और हत्याएं होती रहती हैं, विवाद का कारण बन गया।
अपराध, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर घिरे सम्राट चौधरी!
बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद अब सरकार के कामकाज को लेकर हमले तेज हो गए हैं। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार के पास बिहार के विकास का स्पष्ट विजन और रोडमैप नहीं है। अपराध, बेरोजगारी, गरीबी, महंगाई और भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर तेजस्वी ने सरकार से सवाल किया कि आखिर राज्य की समस्याओं का समाधान किस दिशा में और किस योजना के तहत किया जा रहा है? तेजस्वी यादव ने अपने हमले में नालंदा में पुलिसकर्मी की हत्या और आरा में पूर्व अधिकारी की हत्या का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने बच्चियों, व्यापारियों, युवाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को निशाना बनाते हुए कहा कि जिनके पास न विजन है और न रोडमैप, उनसे बिहार नहीं संभल रहा है। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि आने वाले महीनों में अपराध और बढ़ सकता है।
अनंत सिंह के बयान से जदयू घिरी!
बिहार की राजनीति में जदयू के विधायक अनंत सिंह का एक बयान पार्टी के लिए नई असहजता लेकर आया है। नौ लोगों की हत्या से जुड़ा उनका विवादित दावा सामने आने के बाद सवाल केवल एक विधायक के बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नीतीश कुमार की राजनीति, जदयू की सार्वजनिक छवि और पार्टी के भीतर अनुशासन पर भी उठने लगे हैं।१६ अक्टूबर को मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि नीतीश कुमार के साथ रहते हुए उन्होंने नौ लोगों की हत्या करवाई थी। उनका बयान सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ा। यहीं से जदयू की राजनीतिक मुश्किल शुरू होती है। यदि बयान को गलत तरीके से पेश किया गया, तो उसके पूरे संदर्भ को सार्वजनिक करना जरूरी है। लेकिन यदि किसी जनप्रतिनिधि के कथन से हत्या जैसे गंभीर अपराध का सवाल उठता है, तो उसकी सच्चाई की जांच की मांग भी स्वाभाविक है। केवल सफाई या राजनीतिक बयानबाजी से ऐसे सवालों का अंत नहीं हो सकता। नीतीश कुमार की राजनीति को लेकर विपक्ष को सवाल उठाने का अवसर मिला है और पार्टी के भीतर मतभेद भी सार्वजनिक चर्चा में आए हैं।

 

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