मुख्यपृष्ठनए समाचारकश्मीर पर फिर ओआईसी की टिप्पणी मोदी सरकार की कूटनीति पर सवाल!

कश्मीर पर फिर ओआईसी की टिप्पणी मोदी सरकार की कूटनीति पर सवाल!

-भारत ने प्रस्ताव खारिज किया; पाकिस्तान पर इस्लामिक सहयोग संगठन का इस्तेमाल
भारत-विरोधी एजेंडे के लिए करने का आरोप
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
कश्मीर पर इस्लामिक सहयोग संगठन यानी ओआईसी की फिर टिप्पणी ने मोदी सरकार की कूटनीतिक रणनीति पर सवाल खड़े किए हैं। भारत ने संगठन के कश्मीर संबंधी प्रस्ताव को खारिज करते हुए आरोप लगाया है कि पाकिस्तान इस मंच का इस्तेमाल भारत के खिलाफ कर रहा है। लेकिन सवाल है कि ऐसी टिप्पणियों पर आपत्ति जताने के आगे भारत की रणनीति क्या है?
भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया भारत का आधिकारिक पक्ष है। वहीं, ओआईसी का प्रस्ताव संगठन का रुख है; उसे कोई सर्वमान्य अंतरराष्ट्रीय निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। पाकिस्तान द्वारा मंच के दुरुपयोग की बात भी भारत का आरोप है। इसके बावजूद केंद्र सरकार से कूटनीतिक परिणामों का हिसाब मांगना जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का पक्ष प्रभावी ढंग से रखने और पाकिस्तान के प्रयासों का मुकाबला करने के लिए क्या कदम उठाए गए? संगठन के सदस्य देशों के साथ द्विपक्षीय संवाद में इस मुद्दे को किस तरह उठाया जा रहा है? कड़ा बयान देना जरूरी हो सकता है, लेकिन विदेश नीति की प्रभावशीलता का आकलन उसके परिणामों से होगा। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसी टिप्पणियों को रोकने या उनके समर्थन का दायरा घटाने की उसकी रणनीति क्या है। हालांकि, अकेले इस प्रस्ताव के आधार पर पूरी विदेश नीति को विफल घोषित करना उचित निष्कर्ष नहीं होगा।

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