-उद्धव ठाकरे की तोप गरजेगी
स्थान : शिवतीर्थ, दादर
समय : शाम ५ बजे
सामना संवाददाता / मुंबई
सत्ताधारियों की बेलगाम मनमानी के खिलाफ देश में उठी जेन-जी की लहर और संविधान की रक्षा के लिए जनता द्वारा छेड़ी गई लड़ाई के बीच मंगलवार को शिवसेना का ऐतिहासिक दशहरा सम्मेलन आयोजित हो रहा है। दादर स्थित शिवतीर्थ पर होने वाले इस विराट महासम्मेलन में शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे की तोप गरजेगी और अन्याय के खिलाफ क्रांति की मशाल धधकेगी। लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेन-जी पीढ़ी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मैदान में उतरे शिवसैनिकों को उद्धव ठाकरे क्या संदेश देते हैं और महाराष्ट्र तथा देश के हित में कौन-सी हुंकार भरते हैं, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं। इस अवसर पर शिवसैनिकों में जबरदस्त उत्साह है। ऐसे में मंगलवार को मुंबई में भगवा तूफान उमड़ने वाला है।
‘एक पार्टी, एक मैदान और एक नेता’ की पहचान रखने वाला शिवसेना का दशहरा सम्मेलन राज्य और देश की राजनीति को दिशा देने वाला साबित होता है। इसी सम्मेलन के मंच से हिंदूहृदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे ने वर्षों तक अपने बेबाक विचारों के माध्यम से देश के सामने तमाम मुद्दों को आवाज दी और अन्याय के खिलाफ लड़ने की ताकत प्रदान की। उनके ओजस्वी विचारों से समृद्ध यह परंपरा आज भी कायम है।
आज शिवसेना का ऐतिहासिक विराट दशहरा सम्मेलन
जेन-जी युवाओं का उमड़ेगा हुजूम
महाराष्ट्र इस समय सूखे की चपेट में है और कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है। इसके बावजूद सरकार सुस्त पड़ी है। वोट चोरी और चुनावी घोटालों के कारण देश का लोकतंत्र खतरे में आ गया है। इस अन्याय के खिलाफ शिवसेना ने संघर्ष का बिगुल फूंका है और दशहरा सम्मेलन के माध्यम से यह आवाज और बुलंद होगी। शिवसेना के दशहरा सम्मेलन में शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख एवं विधायक आदित्य ठाकरे सहित पार्टी के सभी नेता, उपनेता, सांसद, विधायक, नगरसेवक, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिवसैनिक उपस्थित रहेंगे।
युवाओं के संगठन के रूप में पहचान रखने वाली शिवसेना के प्रति जेन-जी पीढ़ी में भी जबरदस्त आकर्षण है। पिछले कुछ महीनों में हुए आंदोलनों के दौरान इसकी फिर से पुष्टि हुई। नीट प्रश्नपत्र लीक और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए आंदोलनों में शिवसेना पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरी थी। मुंबई में शिवसेना-मनसे की ओर से गर्जना मोर्चा, मौन मोर्चा और तिरंगा आंदोलन आयोजित किए गए थे। आदित्य ठाकरे की पहल पर हुए इन आंदोलनों को जेन-जी युवाओं का उत्स्फूर्त समर्थन मिला था। इसलिए इस वर्ष के दशहरा सम्मेलन में जेन-जी युवाओं का बड़ा हुजूम उमड़ने की संभावना है।
शस्त्रपूजा, सोनेपान का वितरण और रावण दहन
शिवसेना का दशहरा सम्मेलन हिंदू संस्कृति और परंपराओं का विराट दर्शन कराने वाला होता है। भगवा पगड़ियां, भगवी वेशभूषा और हाथों में भगवा ध्वज लेकर लाखों शिवसैनिक सम्मेलन में पहुंचते हैं, जिससे पूरा वातावरण भगवामय हो जाता है। इस वर्ष भी सम्मेलन में ऐसा ही माहौल देखने को मिलेगा। हर वर्ष की परंपरा के अनुसार इस बार भी शिवतीर्थ पर शस्त्रपूजा, सोनेपान का वितरण और रावण दहन किया जाएगा। शिवसैनिकों से ढोल-नगाड़ों के साथ, गुलाल उड़ाते हुए और अनुशासन बनाए रखते हुए सम्मेलन में शामिल होने की अपील की गई है।
