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भाजपा शासित मनपा का ‘समय’ खराब, योग दिन के नाम पर फर्जीवाड़ा

– ४०० रुपए की घड़ी २,००० में खरीदी
– फर्जी दुकानों का ‘भूतिया’ खेल!
सुरेश गोलानी / मुंबई
‘अंतरराष्ट्रीय योग दिन’ कार्यक्रम में जनता के पैसों की भारी फिजूलखर्ची और कथित भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते मीरा-भायंदर महानगरपालिका की रौप्य महोत्सव समिति एक बार फिर गंभीर विवादों में घिर गई है। सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णा गुप्ता द्वारा मनपा आयुक्त राधा बिनोद शर्मा को लिखे शिकायत पत्र के अनुसार, २१ जून २०२६ को आयोजित इस कार्यक्रम के लिए कंत्राटदार इन्फिनाइट इवेंट एंड मीडिया सॉल्यूशंस से ३० दीवार घड़ियां खरीदी गई थीं। इसके लिए मनपा ने २,००० रुपए प्रति घड़ी की दर से कुल ६०,००० रुपए का भुगतान किया। चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब कृष्णा गुप्ता ने ठीक वैसी ही एक सिंगल घड़ी ऑनलाइन पोर्टल से मात्र ४०४ रुपए में खरीदने का दावा किया। दोनों घड़ियों में सिर्फ मनपा के स्टिकर का फर्क था। कृष्णा गुप्ता का आरोप है कि यह ठेका सत्ताधारी भाजपा के एक पदाधिकारी को दिया गया था, जिसने बाजार भाव से करीब पांच गुना अधिक कीमत पर यह खरीदी करके सार्वजनिक कोष को चूना लगाया गया है।
जो दुकानें हैं ही नहीं, उनके नाम पर मिले ठेके!
जिस तरह घड़ियों की खरीद में भ्रष्टाचार किया गया, ठीक उसी तरह पूजा की सामग्री, रंगोली और टी-शर्ट जैसी विविध फुटकर सामग्री के टेंडर में भी भारी हेरा-फेरी और भ्रष्टाचार की बात सामने आई है। सामान की खरीद में पारदर्शिता दिखाने के लिए नियम के अनुसार तीन अलग-अलग दुकानों से कोटेशन मंगाए गए।
जब कृष्णा गुप्ता ने जमीनी स्तर पर जांच की, तो पता चला कि सिमरन नॉवेल्टी और रॉयल स्टेशनरी नाम की कोई दुकानें उस पते पर मौजूद ही नहीं हैं। एक जगह सिर्फ आवासीय फ्लैट है और दूसरी जगह वह दुकान कभी थी ही नहीं। यानी केवल सूजल नॉवेल्टी को ठेका दिलाने के लिए कागजों पर फर्जी दुकानें खड़ी करके फर्जी कोटेशन तैयार किए गए। गुप्ता के अनुसार, ‘तीनों तथाकथित दुकानों द्वारा जमा किए गए कोटेशन पत्रों का प्रारूप बिल्कुल शब्दश: एक जैसा था।

 

 

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