-महाराष्ट्र सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल;
-पुरानी योजनाओं के लाभार्थियों का क्या होगा?
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में `लाडकी बहिण योजना’ के तहत महिलाओं को १,५०० रुपए देने वाली फडण्aावीस सरकार अब सात पुरानी योजनाओं पर वैंâचीr चलाने के सवालों में घिरी है। उधर, नई महिला योजना के एलान की तैयारा की जा रही है। आखिर पुरानी योजनाओं की लाभार्थी महिलाओं का क्या होगा? क्या सरकारी खजाने पर बढ़ते दबाव के बीच महिला कल्याण की प्राथमिकताएं बदल रही हैं या चुनावी वादों के नाम पर नए एलान और पुराने लाभों की कटौती का खेल चल रहा है?
बता दें कि महाराष्ट्र में योजनाओं की घोषणाएं तो खूब हो रही हैं, लेकिन जनता के हाथ में ठोस राहत कब आएगी? `लाडकी बहिण योजना’ के बाद अब एकल महिलाओं के लिए नई योजना लाने की तैयारी का दावा किया गया है। मंत्री चंद्रकांत पाटील ने राज्य में १२ लाख से अधिक एकल महिलाओं का जिक्र करते हुए उनके बारे में जानकारी जुटाने की बात कही है। स्कूलों और कॉलेजों में पिता विहीन विद्यार्थियों के परिवारों का भी सर्वेक्षण किया जा रहा है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि योजना की घोषणा कब होगी, पात्रता की शर्तें क्या होंगी और महिलाओं को कितनी आर्थिक सहायता मिलेगी? फिलहाल इन सवालों के जवाब सामने नहीं आए हैं।
महिलाओं की ७ योजनाओं में कटौती से उठे सवाल
महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री `माझी लाडकी बहीण योजना’ के जरिए महिलाओं को हर महीने १,५०० रुपए की आर्थिक सहायता देने वाली फडणवीस सरकार अब महिला कल्याण की सात योजनाओं पर वैंâची चलाने को लेकर सवालों के घेरे में है। एक तरफ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के दावे किए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ महिला एवं बाल विकास विभाग की सात महत्वपूर्ण योजनाओं को बंद करने या चरणबद्ध तरीके से समेटने का निर्णय सामने आया है।
