-रोहित पवार का गंभीर आरोप
-प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्लाइड शो के जरिए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
सामना संवाददाता / मुंबई
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक रोहित पवार ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्प्रâेंस में रोहित पवार ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में मनमानी की गई और बिना ठोस प्रमाण के देशभर में करीब १३ करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए। उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की। इस दौरान उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार सबसे भ्रष्ट व्यक्ति हैं।
रोहित पवार ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्लाइड शो के जरिए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मिले जवाब का हवाला देते हुए पूछा कि देशभर में इतनी बड़ी एसआईआर प्रक्रिया शुरू करने का फैसला आखिर किसने और किस आधार पर लिया? पवार के मुताबिक, चुनाव आयोग ने जवाब में कहा कि एसआईआर शुरू करने के पैâसले से संबंधित कोई मंजूरी या रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
१३ करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप
राकांपा विधायक रोहित पवार ने आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि देश में ६.३० करोड़ मतदाता स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए, ३.०१ करोड़ मतदाता अनुपस्थित या लापता पाए गए, २.८० करोड़ मतदाताओं की मृत्यु दर्ज की गई और १.०२ करोड़ नाम दोहराए गए। महाराष्ट्र के लिए उन्होंने क्रमश: ७६.७६ लाख, ७५.४१ लाख, ३४.८२ लाख और १७.६६ लाख के आंकड़े बताए।
