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लॉरेंस बिश्नोई सरकार का दामाद है क्या?

-सपकाल का फडणवीस पर हमला
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और सरकार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। साबरमती जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई का गिरोह मुंबई में वैâसे सक्रिय है? क्या उसे सरकार का संरक्षण मिला है? ये तीखे सवाल महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने उठाए। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग की कि बिश्नोई को साबरमती जेल से मुंबई की आर्थर रोड जेल की अंडा सेल में लाकर पूछताछ की जाए।
तिलक भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सपकाल ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में अपराध और माफिया गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रह गया है। उन्होंने अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हमले और पूर्व मंत्री की हत्या का उल्लेख करते हुए गृह विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। सपकाल ने कहा कि राज्य को सक्षम और पूर्णकालिक गृहमंत्री की जरूरत है।
सपकाल ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और जेप्रâी एपस्टीन से कथित संपर्क को लेकर भी जांच की मांग उठाई। साथ ही भाजपा मंत्री परिणय फुके द्वारा राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों को उन्होंने राजनीतिक बदनामी की कोशिश बताया। सूखे से जूझ रहे किसानों का मुद्दा उठाते हुए सपकाल ने सरकार की राहत को नाकाफी बताया। उन्होंने किसानों के खातों में प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये देने, संपूर्ण कर्जमाफी, चारा शिविर, पेयजल व्यवस्था और खेत मजदूरों को सहायता देने की मांग की। विद्यार्थियों की फीस माफी, मुफ्त एसटी पास और १२ मुफ्त गैस सिलेंडर देने की मांग भी उन्होंने रखी। अब सवाल है कि सरकार इन आरोपों और मांगों पर क्या जवाब देती है।
`५०० करोड़ के कथित लेनदेन की ईडी जांच की मांग
मनोज जरांगे-पाटील की ओर से कथित `५०० करोड़ के लेन-देन से जुड़ी ऑडियो क्लिप सार्वजनिक किए जाने का जिक्र करते हुए सपकाल ने पूरे मामले की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि इस प्रकरण में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सांसद श्रीकांत शिंदे के नाम भी लिए गए हैं। उन्होंने संबंधित लोगों से पूछताछ और कथित रकम के स्रोत की जांच की मांग की। ये आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

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