मुख्यपृष्ठस्तंभसठिया गइल का...!: सीमा पर चीन से आमना-सामना,... दिल्ली में सफाई का...

सठिया गइल का…!: सीमा पर चीन से आमना-सामना,… दिल्ली में सफाई का ड्रामा!

देश की सीमा पर क्या चल रहा है, इसे समझने के लिए अब शब्दकोश लेकर बैठना पड़ेगा! एक तरफ सीमा की सुरक्षा संभालने वाले बल का महानिदेशक कह रहा है कि चीन से कई जगह आमना-सामना हो रहा है, दूसरी तरफ सत्ता के सूत्र बता रहे हैं कि बयान को सामान्य तैयारियों के संदर्भ में समझिए! अरे भाई, ई कौन-सा नया कूटनीतिक गणित बा?
हुआ यूं कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने २२ अक्टूबर को अलवर में जवानों को संबोधित करते हुए अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों के साथ कई स्थानों पर आमना-सामना होने और स्थिति जारी रहने की बात कही। उन्होंने भारतीय शौर्य कमांडो की भूमिका की सराहना भी की। मामला गरमाया तो सत्ता के सूत्रों के हवाले से सफाई आई कि महानिदेशक की टिप्पणी नियमित परिचालन तैयारियों और तैनाती के संदर्भ में थी; किसी विशेष घटना से संबंधित नहीं थी।
वाह भिया, गजबे हो गइल!
उधर, विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीनी सैनिक जब स्थापित गश्ती व्यवस्था से हटते हैं तो सीमा पर तनाव पैदा होता है। विशिष्ट घटनाओं की जानकारी के लिए रक्षा मंत्रालय से पूछने को कहा गया। अब जनता किससे पूछे?
सीमा पर जवान तैनात हैं, महानिदेशक बयान दे रहे हैं, विदेश मंत्रालय कूटनीतिक रास्ता बता रहा है और अंध सूत्र सामान्य तैयारियों की व्याख्या कर रहे हैं! कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। यह सवाल वाजिब है। राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में आधी जानकारी और अलग-अलग व्याख्याएं भ्रम पैदा करती हैं। सरकार संवेदनशील सैन्य विवरण गोपनीय रखे, मगर स्थिति की स्पष्ट आधिकारिक जानकारी तो दे सकती है! सीमा पर जवानों का साहस और दिल्ली में बयानों की उलझन! ई व्यवस्था सठिया गइल का…? अब सीमा की खबर समझने के लिए भी सरकारी शब्दकोश का नया संस्करण मंगाना पड़ा?

अन्य समाचार