-माहिम से गिरफ्तार युवक के मोबाइल और टेलिग्राम संपर्कों की जांच
-मुंबई की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
सामना संवाददाता / मुंबई
आतंकी संगठनों ने मुंबई में आतंकवाद और कट्टरवाद को अंजाम देने के लिए नया तरीका ढूंढ निकाला है। पहले आतंकी संगठन बेरोजगार और नशे के आदी युवाओं को बरगलाकर पैसों का लालच देकर टेररिस्ट बनाते थे, लेकिन अब तरीका बदल गया है। आतंकी सरगना अब रैपिडो राइडरों को टारगेट कर रहे हैं। इसके पीछे का मुख्य मकसद है कि पुलिस और आम लोगों में किसी तरह का शक पैदा न हो।
दूसरी एक और वजह यह है कि रैपिडो राइडर हर जगह की राइड लेते रहते हैं, ऐसे में उनसे रेकी करवाना या संवेदनशील इलाकों की जानकारी इकठ्ठा करने में आसानी हो जाती है। ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। महाराष्ट्र एटीएस ने माहिम इलाके से ३३ वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है।
एटीएस को आतंकी नेटवर्क का शक!
एटीएस के मुताबिक, आरोपी पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने का आरोप है। आरोपी की गिरफ्तारी माहिम मेट्रो स्टेशन के पास गुप्त सूचना के आधार पर की गई। एटीएस के अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी रैपिडो राइडर के तौर पर काम करता था और साथ ही इत्र बेचने का व्यवसाय भी करता था। एजेंसी को शक है कि आरोपी सामान्य पेशे की आड़ में संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।
डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं के ब्रेनवॉशिंग का संदेह
सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और मैसेजिंग ऐप के जरिए आतंकी युवाओं तक पहुंचने की कोशिश करते हैं। साल २०२६ में इस तरह के कई मामले सामने आए हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, कुछ संदिग्ध नेटवर्क इंस्टाग्राम, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं से संपर्क साधते हैं। खासकर बेरोजगारी, आर्थिक परेशानी या व्यवस्था से नाराजगी जाहिर करने वाले युवाओं को निशाना बनाए जाने के मामले सामने आए हैं।
जांच एजेंसी के दावे के अनुसार, आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में कई संदिग्ध डिजिटल सामग्रियां मिली हैं। इतना ही नहीं आरोपी टेलिग्राम ग्रुप के जरिए जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर की भड़काऊ ऑडियो रिकॉर्डिंग साझा करता था। इन ऑडियो में बाबरी मस्जिद समेत अन्य संवेदनशील मुद्दों का जिक्र कर लोगों को भड़काया जा रहा था। एटीएस अब इस एंगल से जांच कर रही है कि आरोपी के टेलिग्राम ग्रुप से कितने लोग जुड़े थे, उसके संपर्क किन-किन लोगों से थे और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। पुलिस यह भी पता कर रही है कि कहीं और भी रैपिडो राइडर जैश के जिहादी शहर में घूम तो नहीं रहे हैं। फिलहाल, आरोपी एटीएस की हिरासत में हैं और आगे की पूछताछ जारी है।
