-स्थानीय लोगों के विरोध को दरकिनार कर ५७६ एकड़ जंगल उजाड़ने की साजिश
सामना संवाददाता / मुंबई
विकास के नाम पर एक और परियोजना थोपकर रायगढ़ और पुणे जिले के ५७६ एकड़ में पैâले जंगल को नष्ट करने की तैयारी की जा रही है। गुजरात की टोरंट पॉवर कंपनी के प्रस्तावित जलविद्युत ऊर्जा भंडारण प्रकल्प के लिए महायुति सरकार पर मेहरबानी दिखाने का आरोप लग रहा है। इस परियोजना के लिए कर्जत-भीमाशंकर के जंगलों के करीब तीन लाख पेड़ों की कटाई किए जाने का दावा किया जा रहा है।
पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाने वाली इस परियोजना का स्थानीय लोग पुरजोर विरोध कर रहे हैं। इसके बावजूद भूमिपुत्रों की चिंताओं और पर्यावरण संरक्षण की मांगों को नजरअंदाज कर परियोजना आगे बढ़ाए जाने से पर्यावरणप्रेमियों और कर्जतवासियों में भारी आक्रोश है। साई डोंगर क्षेत्र में गुजरात की टोरंट पॉवर कंपनी की प्रस्तावित जलविद्युत ऊर्जा भंडारण परियोजना स्थापित की जानी है। करीब १३,५०० करोड़ रुपए की लागत और ३,००० मेगावाट क्षमता वाली इस परियोजना के लिए लगभग तीन लाख पेड़ काटे जाने की आशंका जताई जा रही है। इससे पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ने के साथ ही पक्षियों और वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास भी नष्ट हो सकता है। पहाड़ी ढलानों की मिट्टी का संरक्षण, पानी का प्राकृतिक बहाव, पारंपरिक खेती और पर्यटन भी प्रभावित होने की आशंका है। पर्यावरणप्रेमियों ने सवाल उठाया है कि विकास के नाम पर कर्जत-भीमाशंकर की प्राकृतिक संपदा को क्यों उजाड़ा जा रहा है? क्या गुजरात की कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए महायुति सरकार महाराष्ट्र के पर्यावरण की कीमत चुकाने को तैयार है?
-महाराष्ट्र को लूटने का एजेंडा कब रुकेगा!
-आदित्य ठाकरे का तीखा सवाल
कर्जत तालुका में गुजरात की टोरंट पावर कंपनी के जलविद्युत प्रकल्प के लिए हजारों पेड़ों की कटाई को लेकर शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। आदित्य ठाकरे ने सरकार से सीधा सवाल पूछा है कि महाराष्ट्र की प्रकृति को उजाड़कर निजी कंपनियों की जेबें भरने का यह एजेंडा आखिर कब रुकेगा?
