मुख्यपृष्ठस्तंभइजरायल में बेदुईन महिलाओं ने पलटा चुनावी गणित, नेतन्याहू बहुमत से दूर!

इजरायल में बेदुईन महिलाओं ने पलटा चुनावी गणित, नेतन्याहू बहुमत से दूर!

-मकानों पर बुलडोजर और बेन-ग्विर की नीतियों के खिलाफ मतदान से जवाब; अरब पार्टियों को रिकॉर्ड १९ सीटें, विपक्ष सीधे प्रधानमंत्री चुनने का विधेयक लाने पर कर रहा विचार

इजरायल के संसदीय चुनाव में नेगेव रेगिस्तान की बेदुईन महिलाओं की अभूतपूर्व भागीदारी ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सत्ता समीकरण को बड़ा झटका दिया है। वर्षों से मकानों को गिराए जाने, भेदभाव और बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना कर रहे इस समुदाय की महिलाओं ने इस बार मतदान को विरोध का माध्यम बनाया। नतीजा यह हुआ कि अरब पार्टियों की संसदीय ताकत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई और नेतन्याहू का गठबंधन बहुमत से दूर रह गया।
२७ अक्टूबर को हुए चुनाव में १२० सदस्यीय इजरायली संसद नेसेट में नेतन्याहू समर्थक दलों को ५३ सीटें मिलीं। मुख्य विपक्षी गुट ने ४८ सीटें हासिल कीं, जबकि अरब नेतृत्व वाली पार्टियों ने रिकॉर्ड १९ सीटें जीतकर सरकार गठन के समीकरण में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त कर लिया। सरकार बनाने के लिए कम से कम ६१ सांसदों का समर्थन आवश्यक है।
बुलडोजर के खिलाफ वोट की ताकत!
नेगेव क्षेत्र में रहने वाली बेदुईन महिला उम्म खालिद फतून के बेटे का घर प्रशासन ने गिरा दिया था। इस कार्रवाई से नाराज फतून ने अन्य महिलाओं को मतदान के लिए प्रेरित करने का अभियान शुरू किया। उनके निशाने पर राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमार बेन-ग्विर की नीतियां थीं।
बेदुईन समुदाय की शिकायत है कि उनके गांवों में मकानों को गिराने की कार्रवाइयां बढ़ी हैं, जबकि बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। समुदाय के लोगों ने अपराध और हिंसा पर नियंत्रण में सरकार की विफलता का मुद्दा भी उठाया।
महिलाएं घरों से निकलीं, मतदान तीन गुना तक बढ़ा
वकील हनान अलसनाह के नेतृत्व वाले ‘अल-नश्मियात’ अभियान ने महिलाओं को उनके मतदान अधिकार के प्रति जागरूक किया। कार्यकर्ताओं ने दूरदराज के गांवों में जाकर महिलाओं से संपर्क किया और मतदान केंद्रों तक पहुंचने में उनकी सहायता की। अभियान के आयोजकों के अनुसार, कुछ बेदुईन बस्तियों में मतदान भागीदारी पिछले चुनाव के मुकाबले तीन गुना तक बढ़ गई। महिलाओं की भागीदारी में विशेष बढ़ोतरी हुई, हालांकि, महिला मतदाताओं का अलग आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
बेदुईन बहुल राहत शहर में मतदान करीब ८० प्रतिशत रहा, जबकि २०२२ में यह लगभग ६१ प्रतिशत था। अरब समुदाय के मतदाताओं की बढ़ी भागीदारी ने रआम और जॉइंट लिस्ट जैसी पार्टियों की सीटें बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सरकार गठन में गतिरोध, सीधे प्रधानमंत्री चुनने का प्रस्ताव
चुनाव में किसी भी प्रमुख गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने से सरकार गठन की चुनौती बढ़ गई है। विपक्षी खेमे में सीधे प्रधानमंत्री चुनने की व्यवस्था से संबंधित विधेयक लाने के विकल्प पर भी विचार होने की खबर है। हालांकि, यह अभी प्रस्ताव के स्तर पर है और मौजूदा चुनाव परिणाम से सरकार गठन की संवैधानिक प्रक्रिया स्वत: नहीं बदलती। इजरायल के चुनाव ने दिखाया है कि लंबे समय तक राजनीतिक रूप से कम सक्रिय रहे समुदायों की बढ़ी मतदान भागीदारी संसदीय समीकरण बदल सकती है। इस बार नेगेव की बेदुईन महिलाओं ने उसी बदलाव में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।

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