-वर्सोवा-मढ़ के बीच २,३९५ करोड़ का केबल-स्टेड ब्रिज बनाने की तैयारी
-दहिसर-भायंदर कोस्टल रोड से भी जुड़ेगा, २०२९ तक पूरा करने का लक्ष्य
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में यातायात की तस्वीर बदलने की तैयारी है। वर्सोवा और मढ़ के बीच प्रस्तावित केबल-स्टेड ब्रिज का रास्ता साफ होने के बाद मनपा ने परियोजना स्थल पर जमीनी आकलन शुरू कर दिया है। लेकिन इस विकास परियोजना के साथ पर्यावरण से जुड़ा बड़ा सवाल भी खड़ा हो गया है। पुल के निर्माण के लिए १,२३७ मैंग्रोव पेड़ों की कटाई को मुंबई हाई कोर्ट ने मंजूरी दी है।
करीब २,३९५ करोड़ रुपए की इस परियोजना के पूरा होने पर वर्सोवा से मढ़ के बीच का सफर, जिसमें अभी यातायात के कारण डेढ़ घंटे तक लग जाते हैं, घटकर महज ५ से १० मिनट रह जाने की उम्मीद है। फिलहाल दोनों इलाकों के बीच मालाड क्रीक होने के कारण वाहन चालकों को लोखंडवाला, ओशिवारा, लिंक रोड और मार्वे रोड से लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। प्रस्तावित पुल इस १८ से २० किलोमीटर के चक्कर को काफी हद तक खत्म करेगा।
कोस्टल रोड से भी जुड़ेगा पुल
करीब २.०६ किलोमीटर लंबा यह पुल मढ़ जेट्टी रोड से शुरू होकर अंधेरी के वर्सोवा स्थित फिशरीज यूनिवर्सिटी रोड के पास जुड़ेगा। इसमें ६०० मीटर का केबल-स्टेड हिस्सा होगा। परियोजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इससे मुंबई कोस्टल रोड परियोजना तक पहुंच आसान होगी। पुल की एक शाखा दहिसर-भायंदर कोस्टल रोड से जोड़ने की भी योजना है। इससे पश्चिमी उपनगरों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।
विकास बनाम पर्यावरण की चुनौती
हाई कोर्ट ने सार्वजनिक उपयोगिता, संबंधित वैधानिक मंजूरियों और पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति उपायों को ध्यान में रखते हुए मैंग्रोव कटाई की अनुमति दी है। मनपा की ओर से लगभग ३९ हजार मैंग्रोव लगाने और प्रभावित क्षेत्र में पुनर्स्थापन के उपायों का प्रस्ताव रखा गया है। परियोजना को ३१ मार्च २०२९ तक पूरा करने का लक्ष्य है। हालांकि, असली चुनौती यह होगी कि निर्माण के दौरान पर्यावरणीय शर्तों का कितना पालन होता है और मैंग्रोव पारिस्थितिकी को होने वाले नुकसान की भरपाई कितनी प्रभावी ढंग से की जाती है।
