-भाजपा शासित मीरा-भायंदर मनपा के खिलाफ जनता आक्रोशित
सुरेश गोलानी / मुंबई
दिवाली के त्योहार के दौरान नागरिकों को पानी की किल्लत न हो, इसके लिए मीरा-भायंदर महानगरपालिका द्वारा घोषित की गई १० प्रतिशत साप्ताहिक कटौती को एक हफ्ते के लिए रद्द कर दिया गया था। इसके बावजूद शहर के कई इलाकों में पिछले कई दिनों से पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है।
सोमवार को जलापूर्ति बंद रहने के बाद मंगलवार सुबह भी नल सूखे रहने के कारण त्योहार के समय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। इस गंभीर समस्या को लेकर जब मनपा के जलापूर्ति विभाग से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि भिवंडी में महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल की मुख्य जलवाहिनी में तकनीकी खराबी होने के कारण शहर की जलापूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पाइपलाइन की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर जारी है और कुछ ही घंटों में पूरा कर लिया गया है और मीरा-भायंदर के लिए पानी की सप्लाई दोबारा शुरू कर दी गई है।
हालांकि मुख्य लाइन से सप्लाई शुरू होने में देरी हुई है, लेकिन अब शहर के सभी हिस्सों और रिजर्वायर्स तक जल्द ही पानी पहुंच जाएगा। त्योहार के समय पानी न मिलने से परेशान महिलाओं ने मनपा प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नागरिकों का सीधा आरोप है कि टैंकर माफियाओं को फायदा पहुंचाने के लिए जानबूझकर ऐसी लापरवाही की जाती है। पानी के लिए घंटों इंतजार करने के बाद भी प्रशासन द्वारा कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। नागरिकों का कहना है कि मनपा प्रशासन द्वारा केवल पानी कटौती रद्द करने की कागजी घोषणा की गई, जबकि हकीकत में उनके घरों तक पानी नहीं पहुंचा।
इस प्रशासनिक लापरवाही के कारण सत्ताधारी भाजपा और मनपा के कामकाज पर लगातार गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्षी दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि त्योहारों के समय ऐसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए मनपा के पास एक ठोस बैकअप प्लान होना चाहिए। नागरिकों का कहना है कि हर बार मुख्य पाइपलाइन में लीकेज का बहाना बनाकर पूरे शहर को घंटों प्यासा छोड़ दिया जाता है, जबकि इस दौरान निजी टैंकरों का धंधा तेजी से फलता-फूलता है।
