-होर्मुज जलडमरूमध्य के पास सैन्य कार्रवाई की अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की;
-शांति वार्ता के बीच फिर भड़का तनाव
तेहरान/वॉशिंगटन। अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम की कूटनीतिक कोशिशों को मंगलवार को बड़ा झटका लगा, जब अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के रणनीतिक केश्म द्वीप पर सीमित सैन्य हमले किए। अमेरिकी अधिकारियों ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए इसे रक्षात्मक बताया है। रॉयटर्स के अनुसार, हमले उन ईरानी ठिकानों पर किए गए जहां से अमेरिकी सैन्य संसाधनों पर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें दागी जा रही थीं। फॉक्स न्यूज ने दावा किया कि ईरान ने एक अमेरिकी विमान पर गोलीबारी की थी। ईरानी मीडिया ने द्वीप पर कई धमाकों की जानकारी दी है, हालांकि नुकसान और हताहतों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
शांति वार्ता के बीच फिर बरसीं मिसाइलें
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने होर्मुज के पूर्वी हिस्से में एक अमेरिकी एमक्यू-९ ड्रोन मार गिराने का दावा किया है। यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब कतर की मध्यस्थता में युद्ध समाप्त करने के समझौते पर बातचीत चल रही है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि सीमित कार्रवाई का अर्थ व्यापक युद्ध दोबारा शुरू करना नहीं है।
वैश्विक तेल व्यापार का अहम मार्ग
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार का सबसे अहम मार्ग है। यहां टकराव बढ़ने से तेल आपूर्ति और जहाजों की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका है। हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी आई है।
ट्रंप ने जताई थी समझौते की संभावना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में समझौते की संभावना जताई थी, लेकिन सैन्य गतिविधियों से वार्ता का भविष्य अनिश्चित हो गया है। अब नजर इस बात पर है कि कूटनीति तनाव घटा पाती है या होर्मुज में नया टकराव शुरू होता है।
अमेरिका-ईरान समझौता अभी दूर!
कतर की मध्यस्थता में बातचीत जारी; होर्मुज खोलने से पहले ईरान ने अपनी शर्तें मानने की मांग रखी
दुबई। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने का समझौता अभी दूर है। रॉयटर्स से बातचीत में ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कतर की मध्यस्थता में बातचीत जारी रहने के बावजूद दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण मतभेद कायम हैं। कतर के मध्यस्थ सोमवार रात तेहरान पहुंचे थे। वे पिछले आठ दिनों से चर्चा में रहे प्रस्तावित समझौते के मसौदे पर बातचीत कर रहे हैं। ईरानी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा खोलने के लिए अमेरिका को तेहरान की शर्तें स्वीकार करनी होंगी। परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत उसके बाद ही शुरू हो सकती है।
