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पहाड़ी पचड़े : अस्पताल जा रहे मरीज की टैक्सी पर गिरा चीड़ का पेड़,..जान बची तो ड्राइवर ने ली राहत की सांस!

एस. एस. शुक्ला
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में अस्पताल जा रही टैक्सी पर अचानक चीड़ का सूखा पेड़ गिरने से अफरा-तफरी मच गई। भोरंज उपमंडल के त्रिलोकपुर जंगल के पास सोमवार को यह घटना हुई। चालक राजेंद्र कुमार एक मरीज को बड़ैहर से भरेड़ी अस्पताल ले जा रहे थे। रास्ते में पेड़ सीधे टैक्सी पर आ गिरा। गनीमत रही कि चालक, मरीज और अन्य सवारियां सुरक्षित बच गर्इं, हालांकि वाहन को काफी नुकसान पहुंचा। मरीज अस्पताल में इलाज कराने जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही एक नई मुसीबत सामने आ गई। पहाड़ी सड़कों पर भूस्खलन और पत्थर गिरने का खतरा तो रहता ही है, अब सूखे पेड़ भी यात्रियों की परीक्षा लेने लगे हैं। हादसे ने सड़क किनारे खतरनाक पेड़ों की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं!
सात और आठ साल के
बच्चों ने लिख डाली किताबें,
बड़े लेखक सोचते रह गए!
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू क्षेत्र में दो नन्हे बच्चों की साहित्यिक प्रतिभा चर्चा में है। सात वर्षीय वान्या और आठ वर्षीय रोहन सिंह ने कम उम्र में ही लेखन की दुनिया में कदम रखा है। रोहन की कहानी की किताब को लेकर तीन नवंबर को रिपोर्ट सामने आई। जिस उम्र में बच्चे आमतौर पर कहानियां सुनते और पढ़ना सीखते हैं, उस उम्र में इन बच्चों ने खुद कहानियां लिखने का साहस दिखाया है। उनकी पहल बाल साहित्य और रचनात्मक शिक्षा के लिए उत्साहजनक है। आम तौर पर लेखक अपनी पहली किताब लिखने से पहले वर्षों तक अनुभव जुटाते हैं, लेकिन रोहड़ू के इन नन्हे रचनाकारों ने उम्र का इंतजार ही नहीं किया। अब बड़े लेखक भी पूछ सकते हैं कि इतनी छोटी उम्र में किताब लिखने का समय आखिर मिला कब!
दिवाली पर आठ हजार का बोनस!
संदेश पढ़कर खुश मत होइए,
साइबर ठग खाते पर नजर लगाए बैठे हैं!
उत्तराखंड के हल्द्वानी में दीपावली के नाम पर आठ हजार रुपये का सरकारी बोनस देने का दावा करने वाले संदेशों को लेकर साइबर पुलिस ने लोगों को सतर्क किया है। सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर प्रसारित ऐसे संदेशों के माध्यम से नागरिकों को संदिग्ध लिंक खोलने के लिए उकसाया जा सकता है। पुलिस ने बिना आधिकारिक पुष्टि किसी लिंक पर क्लिक न करने और बैंकिंग जानकारी या ओटीपी साझा नहीं करने की सलाह दी है। त्योहार के अवसर पर बोनस मिलने की खबर सुनकर किसी का भी मन खुश हो सकता है, लेकिन यहां खुशखबरी के पीछे ठगी का खतरा छिपा है। सरकारी खजाने से आठ हजार रुपये मिलने का दावा किया जा रहा है, मगर लिंक खोलने की गलती हुई तो अपने खाते में रखे रुपए भी खतरे में पड़ सकते हैं!
नैनीताल की लोअर मालरोड
एक साल बाद खुली,
अब झील किनारे फिर दौड़ेंगी गाड़ियां!
उत्तराखंड के नैनीताल में करीब एक साल से बंद लोअर मालरोड को वाहनों के आवागमन के लिए फिर खोल दिया गया है। दो नवंबर की रात सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, लंबे इंतजार के बाद इस महत्वपूर्ण सड़क पर यातायात बहाल हुआ। नैनी झील के किनारे स्थित यह मार्ग स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और पर्यटकों के लिए उपयोगी है। सड़क बंद रहने से दूसरे मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ रहा था। अब आवाजाही शुरू होने से यातायात व्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद है। नैनीताल में झील देखने आने वाले पर्यटकों को पहाड़ और पानी के सुंदर दृश्य तो मिलते रहे, लेकिन लोअर मालरोड पर गाड़ी चलाने का अवसर नहीं मिल रहा था। एक साल बाद सड़क खुली तो स्थानीय लोगों के लिए यह किसी छोटे त्योहार से कम नहीं है!

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