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भायंदर में सुरक्षा रामभरोसे…अस्पताल के सामने और भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में बारूद का ढेर!

बिना लाइसेंस दो जगहों से २ लाख से अधिक के पटाखे जब्त
सुरेश गोलानी / मुंबई
भायंदर पुलिस ने शनिवार रात दो अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी करते हुए बिना लाइसेंस के बेचे और भंडारित किए जा रहे कुल २.०३ लाख से अधिक मूल्य के अवैध पटाखे जब्त किए हैं। पहली कार्रवाई भायंदर-पश्चिम स्थत पंडित भीमसेन जोशी सरकारी अस्पताल के पास की गई जहां अवैध रूप से पटाखे बेचने वाले एक २५ वर्षीय युवक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने उसके पास से १.१६ लाख से अधिक मूल्य के अवैध रूप से बिक्री हेतु भंडारित पटाखे जब्त किए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब ९:३० बजे जब पुलिस की टीम क्षेत्र में गश्त पर थी, तब उन्होंने देखा कि अस्पताल के पास एक व्यक्ति स्टॉल लगाकर खतरनाक तरीके से पटाखों की बिक्री कर रहा था। पूछताछ में उसने अपना नाम नीरज वर्मा बताया। आरोपी के पास पटाखों के भंडारण या बिक्री का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम की धारा ९ बी (पटाखों का अवैध भंडारण और बिक्री) लगाने के बजाय, अस्पताल जैसे संवेदनशील इलाके के पास लापरवाही से ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण करने और आम जनता व मरीजों की जान जोखिम में डालने के लिए भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इसी कड़ी में दूसरी बड़ी कार्रवाई उसी रात करीब १० बजे चाणक्य बार के सामने की है। यहां नवपार्श्वनगर इमारत की खुली जगह पर सुनील सोनकर ने बिना किसी आधिकारिक अनुमति के पत्रे की एक अस्थायी दुकान खड़ी कर रखी थी। पुलिस ने इस दुकान पर छापा मारकर करीब ८७ हजार मूल्य के विभिन्न प्रकार के अवैध पटाखे जब्त किए। दिलचस्प बात यह है कि इस मामले में पुलिस ने आरोपी सुनील सोनकर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र पुलिस कानून के साथ-साथ विस्फोटक नियमों के तहत भी मामला दर्ज किया है। गौरतलब है कि इन घटनाओं ने त्योहारों के सीजन में शहर के कई इलाकों में धड़ल्ले से चल रहे अवैध पटाखा स्टॉलों की पोल खोल दी है।
शहरभर में सजे कई अवैध स्टॉल, नियमों की उड़ रही धज्जियां
शहर के कई मुख्य चौकों, भीड़भाड़ वाले बाजारों और रिहायशी सोसायटियों के करीब सैकड़ों अवैध पटाखा स्टॉल सज गए हैं या सजाए जा रहें है। नियमों के मुताबिक, पटाखा बिक्री के लिए दमकल विभाग का एनओसी, मनपा की अनुमति और पुलिस का अस्थायी लाइसेंस होना अनिवार्य है। साथ ही स्टॉल पर रेत की बाल्टियां और अग्निशमन यंत्र रखना जरूरी है। लेकिन शहर के अधिकांश स्टॉल धारक इन नियमों को ताक पर रखकर बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के बीच बाजार में बारूद का ढेर लगाकर बैठे हैं।

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