-धूल, मलबे और कचरे से दम घुटने के बाद प्रशासन को आई सख्ती की याद
सामना संवाददाता / भिवंडी
भिवंडी की हवा में घुलता प्रदूषण, सड़कों पर उड़ती धूल, जगह-जगह पड़ा निर्माण मलबा और खुले में जलता कचरा क्या महानगरपालिका प्रशासन को अब तक दिखाई नहीं दे रहा था? शहर में वायु प्रदूषण की समस्या गंभीर होने के बाद आखिरकार मनपा प्रशासन की नींद टूटी है। अब प्रदूषण पैâलाने वालों के खिलाफ तीन चरणों में कार्रवाई करने का एलान किया गया है। सवाल यह है कि जब शहर के नागरिक लंबे समय से प्रदूषण की मार झेल रहे थे, तब मनपा का पर्यावरण विभाग क्या कर रहा था? क्या केवल नोटिस जारी करने से भिवंडी की जहरीली होती हवा साफ हो जाएगी?
मनपा ने ‘ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान’ (ग्रैप) लागू कर निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, मलबे के अनुचित निपटान, खुले में कचरा जलाने और खाली भूखंडों पर अवैध रूप से कचरा फेंकने वालों पर कार्रवाई की योजना बनाई है। उपायुक्त (पर्यावरण) बालकृष्ण क्षीरसागर के मुताबिक, पहले चरण में निर्माण व्यवसायियों, डेवलपरों, ठेकेदारों और संपत्ति मालिकों को नोटिस देकर खामियां दूर करने का मौका दिया जाएगा। निर्माण स्थलों पर हरी जाली लगाना, धूल रोकने के लिए अवरोधक खड़े करना और नियमित पानी का छिड़काव करना अनिवार्य होगा। मनपा की कार्रवाई का पहला हथियार नोटिस होगा। नियमों का पालन नहीं करने पर जुर्माना लगाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर खुदाई या तोड़फोड़ का काम रोकने का नोटिस दिया जाएगा।
