मुख्यपृष्ठनए समाचारबुझले? कौन राहुल? वही, जिसके खिलाफ आज पूरी भाजपा सड़कों पर है!

बुझले? कौन राहुल? वही, जिसके खिलाफ आज पूरी भाजपा सड़कों पर है!

-बारह साल से सरकार आपकी, फिर अपने ही शासनकाल में लोकतंत्र बचाने की दुहाई किससे?

सामना संवाददाता / नई दिल्ली

गजबे हो गइल! कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में गरजते थे, `एक अकेला, एक अकेला!’ और आज नजारा देखिए। एक राहुल के उठाए सवालों का जवाब देने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष तक सड़क पर उतर रहे हैं। अब आप पूछेंगे, कौन राहुल? अरे वही राहुल गांधी, जिनके खिलाफ आज पूरी भाजपा सड़क पर है!
और कमाल तो देखिए! केंद्र में बारह वर्षों से अधिक समय से भाजपा की सरकार है। उत्तर प्रदेश में भी करीब दस साल से उसी का शासन है। मगर नारा लगा रही है, `लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ!’
अरे भिया, गजबे हो गइल!
सरकार आपकी, प्रशासन आपका, सत्ता आपकी और लोकतंत्र बचाने की दुहाई भी आपकी!
भाई, लोकतंत्र को आखिर खतरा किससे है? विपक्ष के सवालों से या उन सवालों का जवाब देने की मजबूरी से?
राहुल गांधी मतदाता सूचियों और चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। चुनाव आयुक्त चुप्पी साधे बैठे हैं और भाजपा जवाब में देशव्यापी पदयात्राओं का अभियान शुरू कर बैठी हैं! अरे भाई क्यों अपनी पोल खुलवाने पर उतारू हो। कौन सलाहकार मिल गया है पार्टी को? पैसा खर्च नहीं कर रहे हो वैंâपेन पर?
खैर, जिस राहुल को कभी राजनीतिक चर्चा में महत्वहीन बताने की कोशिश होती थी, उसी राहुल का नाम अब भाजपा की सभाओं और बयानों में लगातार सुनाई दे रहा है!
तीन से पांच नवंबर तक उत्तर प्रदेश में छह पदयात्राओं का कार्यक्रम है। गोरखपुर में नितिन नबीन, प्रयागराज में केशव प्रसाद मौर्य, कानपुर में ब्रजेश पाठक और गाजियाबाद में योगी आदित्यनाथ जैसे बड़े नेताओं को मैदान में उतारा जा रहा है। अरे भिया, कभी एक अकेला सब पर भारी था, अब एक विपक्षी नेता के सवालों का जवाब देने के लिए पूरी पार्टी की पदयात्रा निकल रही है! और सबसे बड़ा सवाल, लोकतंत्र बचाने की लड़ाई में मतदाता सूची का दस्तावेजी हिसाब कब सामने आएगा?
ई सियासत पगला गइल का… कि अपने ही शासनकाल में सत्ता पक्ष को लोकतंत्र बचाने का नारा लेकर सड़क पर उतरना पड़ रहा है?

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