-१३ संचालकों का समर्थन, फिर भी अध्यक्ष नहीं चुनने दे रही सत्ता; सतेज पाटील ने उठाए सवाल
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में महायुति सरकार पर अब सहकार क्षेत्र की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के आरोप लग रहे हैं। कोल्हापुर के प्रतिष्ठित गोकुल दूध संघ में बहुमत मिलने के बावजूद अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो पा रहा है। कांग्रेस के विधान परिषद में गुटनेता सतेज पाटील ने आरोप लगाया है कि महायुति सत्ता के दम पर किसानों के जनादेश को कुचलने की कोशिश कर रही है। २५ में से १३ संचालकों का समर्थन मिलने के बावजूद अध्यक्ष का चुनाव अटकना लोकतंत्र पर सवाल खड़े करता है।
पाटील के मुताबिक, २९ अक्टूबर को अध्यक्ष चुनाव के लिए बुलाई गई सभा में महायुति के सभी १२ संचालक गैरहाजिर रहे। इसके चलते गणपूर्ति नहीं हो सकी और सभा स्थगित करनी पड़ी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जनता का बहुमत तकनीकी कारणों से रोका जाएगा, तो चुनाव कराने का मतलब ही क्या रह जाएगा? पाटील ने शासन नियुक्त संचालकों को मतदान का अधिकार देकर समीकरण बदलने की चर्चाओं पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि आज गोकुल में बहुमत को रोकने की कोशिश हो रही है, कल यही प्रयोग महानगरपालिकाओं, नगरपालिकाओं और जिला परिषदों में भी हो सकता है।
