अरुण कुमार गुप्ता
बिहार में अपराध खत्म होने का दावा करने निकले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने ही शब्दों में उलझ गए! ‘क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं’ कहकर उन्होंने ऐसा कौन-सा नया शब्दकोश तैयार कर दिया, जिसे समझने में आम जनता ही नहीं, राजनीतिक गलियारों को भी माथापच्ची करनी पड़ रही है? तेजस्वी यादव ने इस बयान को लेकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दोनों पर निशाना साधा है। अब सवाल है कि बिहार में अपराध का खात्मा आंकड़ों से साबित होगा या ऐसे बयानों से? दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दावा किया कि बिहार में अपराध की अवधारणा ही खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा, ‘हमारे यहां कोई अपराध नहीं है। अपराध की अवधारणा ही खत्म हो चुकी है। क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं, कोई अपराधी नहीं है।’ मुख्यमंत्री के इस बयान ने राजनीतिक बहस को नया मुद्दा दे दिया है। सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि ‘क्राइम’ और ‘अपराध’ का अर्थ एक ही है। ऐसे में दोनों के बीच अंतर बताने की कोशिश ने सरकार के दावे को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री के बयान का वीडियो साझा करते हुए तंज कसा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा और सवाल उठाया कि आखिर उन्होंने बिहार की कमान ऐसे मुख्यमंत्री को क्यों सौंपी है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने भी मुख्यमंत्री के दावे पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री और गृह मंत्री होने के नाते सम्राट चौधरी के पास अपने दावे के समर्थन में तथ्य और आंकड़े होने चाहिए।
गठबंधन धर्म सिर्फ जदयू निभाए, भाजपा को खुली छूट क्यों?
बिहार में एमएलसी चुनाव के नतीजों ने एनडीए की अंदरूनी राजनीति को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। चुनाव में जदयू उम्मीदवारों की हार के बाद अब गठबंधन के भीतर ही सहयोग और समर्थन की राजनीति पर सवाल उठने लगे हैं। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले जदयू उम्मीदवार आनंद पुष्कर ने चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं की भूमिका पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि गठबंधन में शामिल होने के बावजूद जदयू उम्मीदवारों को वह सहयोग नहीं मिला, जिसकी अपेक्षा एनडीए के सहयोगी दलों से की जाती है। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में उन्होंने भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूड़ी और मोतिहारी के सांसद राधामोहन सिंह का नाम लेकर सवाल उठाए। पुष्कर के मुताबिक, भाजपा के इन नेताओं से शिक्षकों के बीच जाकर एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में समर्थन जुटाने की अपेक्षा थी। लेकिन उनके आरोप के अनुसार, तय रणनीति के अनुरूप कई सांसदों और विधायकों ने सक्रियता नहीं दिखाई। आनंद पुष्कर ने अपने बयान में एक अहम राजनीतिक विरोधाभास की ओर इशारा किया। उनका कहना है कि जब भाजपा नेताओं को अपने चुनाव में समर्थन चाहिए होता है, तब नीतीश कुमार के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों का हवाला दिया जाता है। लेकिन जब जदयू के प्रत्याशी को समर्थन देने की बारी आती है, तब गठबंधन धर्म की मर्यादा कहां चली जाती है?
जनादेश की चोरी से चल रही एनडीए की सत्ता!
चुनाव में जनता का वोट सबसे बड़ी ताकत होता है, लेकिन जब उसी वोट की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगें तो सत्ता की वैधता भी बहस के घेरे में आ जाती है। राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन पर चुनाव जीतने के लिए ‘वोट चोरी’ करने का आरोप लगाकर सियासी तापमान बढ़ा दिया है। लालू का दावा है कि इस मुद्दे पर पूरा विपक्ष एकजुट है और लड़ाई का नतीजा विपक्ष के पक्ष में आएगा। अब सवाल है कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों पर उठ रहे सवालों का जवाब चुनाव आयोग और सत्तापक्ष कब देंगे? पटना पहुंचने के बाद पत्रकारों से बातचीत में लालू प्रसाद यादव ने विपक्ष के आरोपों का समर्थन करते हुए साफ कहा कि वोट चोरी हुई है और पूरा विपक्ष इसके खिलाफ एकजुट होकर लड़ रहा है। उन्होंने दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को हुई विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की रैली को भी सफल बताया। यह रैली विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनावी अनियमितताओं के आरोपों को लेकर आयोजित की गई थी।
