-बोरिवली में बेस्ट डिपो की आरक्षित जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची बीएमसी
-सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना नोटिस और पांच लाख जुर्माना लगाया
सामना संवाददाता / मुंबई
सुप्रीम कोर्ट द्वारा मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे और उनके निजी स्टाफ की नवंबर की तनख्वाह रोकने के कुछ घंटे बाद बीएमसी ने बुधवार सुबह बोरिवली की विवादित जमीन पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। जमीन बेस्ट बस डिपो और विद्युत उपकेंद्र के लिए आरक्षित है। शीर्ष अदालत ने पाया कि नवंबर २०२५ और जुलाई २०२६ में दिए समयबद्ध निर्देशों के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया। अदालत ने आयुक्त को अवमानना का कारण बताओ नोटिस जारी किया, बीएमसी पर पांच लाख रुपये लागत लगाई और आदेश का पालन होने तक वेतन रोकने का निर्देश दिया।
बीएमसी ने पहले कहा था कि अतिक्रमण करने वालों ने दीवानी अदालतों में मुकदमे दायर कर रखे हैं और कार्रवाई के लिए अतिरिक्त समय चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने नया समय देने से इनकार कर दिया। बुधवार सुबह अवैध दुकानें, झोपड़ियां और व्यावसायिक ढांचे हटाने की कार्रवाई शुरू हुई। प्रशासन को अदालत का आदेश लागू करना है, लेकिन प्रभावित लोगों को वैधानिक नोटिस और उपलब्ध पुनर्वास अधिकार भी देने होंगे। वेतन रोकने की असाधारण कार्रवाई ने यह प्रश्न फिर खड़ा किया है कि वर्षों की निष्क्रियता के बाद सरकारी मशीनरी केवल व्यक्तिगत जवाबदेही तय होने पर ही इतनी तेज क्यों चलती है।
