-गुवाहाटी में प्रशिक्षण या पांच सितारा पर्यटन? पत्नी, बच्चे और मां भी साथ दिखे तो खर्च उठाने वाले पर उठे सवाल
सामना संवाददाता / उल्हासनगर
शहर की टूटी सड़कों, अनियमित जलापूर्ति, नालों और आर्थिक संकट से जूझ रही उल्हासनगर महानगरपालिका के पार्षदों का गुवाहाटी दौरा विवादों में घिर गया है। पार्षदों के प्रशिक्षण के नाम पर आयोजित इस यात्रा पर मनपा के खजाने से करीब ६५ लाख खर्च किए जाने की बात सामने आई है। दौरे के वीडियो में कई पार्षदों के साथ उनकी पत्नी, बच्चे और अन्य परिजन दिखाई देने के बाद सवाल उठ रहा है कि यह वास्तव में अध्ययन दौरा था या जनता के पैसे पर आयोजित पारिवारिक पर्यटन।
यह दौरा २२ से २६ जुलाई के बीच आयोजित किया गया था। इसका आधिकारिक उद्देश्य पार्षदों को सभाशास्त्र, महानगरपालिका का प्रशासनिक कामकाज, प्रभाग विकास, बजट और नगर नियोजन से जुड़ा प्रशिक्षण देना बताया गया। प्रशिक्षण की जिम्मेदारी अखिल भारतीय स्थानीय स्वशासन संस्थान को दी गई थी और कार्यक्रम गुवाहाटी के पांच सितारा रेडिसन ब्लू होटल में आयोजित हुआ।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रति पार्षद करीब ७४,७२० खर्च का अनुमान लगाया गया था। इसमें मुंबई से गुवाहाटी आने-जाने का विमान किराया, होटल में ठहरना, भोजन, स्थानीय परिवहन, सभागार और परियोजना स्थलों का दौरा शामिल था। करीब ७० पार्षदों की भागीदारी को देखते हुए कुल बजट ६५ लाख के आसपास पहुंचा।
परिजनों का खर्च किसने उठाया?
सबसे बड़ा विवाद पार्षदों के साथ गए परिजनों को लेकर है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कुछ पार्षद पत्नी, बच्चों और यहां तक कि मां के साथ दिखाई दिए। मनपा की ओर से यह कहा गया है कि सरकारी धन केवल पार्षदों के प्रशिक्षण और यात्रा पर खर्च हुआ तथा परिवार के सदस्यों का खर्च संबंधित पार्षदों ने स्वयं उठाया। लेकिन इसकी पुष्टि के लिए टिकट, होटल बिल और अलग भुगतान का विस्तृत सार्वजनिक रिकॉर्ड सामने नहीं रखा गया है।
