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भूखा रखा, कपड़े-आईडी छीनी, टुकड़े करने की धमकी…नौकरी के नाम पर नौकरानी को बनाया बंधक!

 -संभावना सेठ ने सुनाई खारघर के ‘कैदखाने’ से घरेलू सहायिका की सनसनीखेज रेस्क्यू कहानी

सामना संवाददाता / मुंबई

अभिनेत्री और सोशल मीडिया हस्ती संभावना सेठ तथा उनके पति अविनाश द्विवेदी ने अपनी घरेलू सहायिका गुड़िया की बड़ी बहन को नई मुंबई के खारघर स्थित एक घर में कथित रूप से बंधक बनाकर रखने का गंभीर आरोप लगाया है। दंपति ने वीडियो जारी कर दावा किया कि महिला को नौकरी दिलाने वाली प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से वहां भेजा गया था, लेकिन बाद में उसे घर से बाहर निकलने नहीं दिया गया।
अविनाश के मुताबिक, महिला को शुरुआत में पालतू जानवरों की देखभाल के लिए रखा गया था। आरोप है कि कुछ ही दिनों बाद उससे खाना बनाने, सफाई और अन्य भारी घरेलू काम भी कराए जाने लगे। महिला ने बताया था कि सी-सेक्शन के बाद से उसे पेट संबंधी परेशानी है और वह ज्यादा मेहनत वाला काम नहीं कर सकती, फिर भी उसका काम लगातार बढ़ाया गया। संभावना ने दावा किया कि महिला ने उन्हें रोते हुए फोन किया और बचाने की गुहार लगाई। उसने कथित तौर पर बताया कि सुबह से चार बार उल्टी होने के बावजूद उसे भोजन नहीं दिया गया और वह दो दिनों से भूखी थी। संभावना के अनुसार, उन्होंने घर की मालकिन से बात कर किसी भी भुगतान विवाद को सुलझाने और महिला को छोड़ने का आग्रह किया।
स्थानीय पुलिस ने नहीं की मदद
संभावना और अविनाश ने आरोप लगाया कि शुरुआती स्तर पर खारघर पुलिस से अपेक्षित मदद नहीं मिली। इसके बाद वे मुंबई के बांगुर नगर पुलिस थाने पहुंचे, जहां कथित घटना से संबंधित एफआईआर दर्ज की गई, बयान लिए गए और उपलब्ध सबूत जमा किए गए। हालांकि, पुलिस की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया और आरोपित परिवार का पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
जनजागरूकता ही उद्देश्य
संभावना ने कहा कि वीडियो साझा करने का उद्देश्य लोगों को घरेलू कामगारों के साथ होने वाले कथित उत्पीड़न के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने अपील की कि आसपास किसी के साथ दुर्व्यवहार होता दिखाई दे तो चुप रहने के बजाय आवाज उठाई जाए। फिलहाल, सभी गंभीर आरोप दंपति और पीड़ित पक्ष के बयानों पर आधारित हैं; इनकी अंतिम पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।
महिला को बचाकर निकाला बाहर
अभिनेत्री का आरोप है कि महिला को घर छोड़ने की कोशिश करने पर जान से मारने और शरीर के टुकड़े कर फेंकने की धमकी दी गई। उसका पहचान पत्र और कपड़े भी कथित रूप से छिपा दिए गए, ताकि वह भाग न सके। बाद में प्लेसमेंट एजेंसी के सदस्यों और एक सामाजिक कार्यकर्ता की मदद से महिला को घर से बाहर निकाला गया। भागने के दौरान उसके घायल होने का भी दावा किया गया है।

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