द्रुप्ति झा / मुंबई
मुंबई में बेस्ट बसों, विशेषकर वेट लीज मॉडल पर संचालित लीज बसों से लगातार हो रहे हादसों ने शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले कुछ महीनों में हुई दुर्घटनाओं के बाद मुंबईकरों में भय का माहौल है। ३ मई से अब तक इन बसों से २४ हादसे हुए हैं, जिनमें, ५ लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें अधिकांश घटनाएं वेट लीज मॉडल पर संचालित बसों से संबंधित होने के कारण अब सवाल उठने लगे हैं।
प्रारंभिक जानकारी और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई दुर्घटनाओं में समय पर ब्रेक नहीं लगना, तकनीकी खामियां और रखरखाव में कमी प्रमुख कारण के रूप में सामने आई हैं। कई मामलों में चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सके, जिसके चलते राहगीर और अन्य वाहन दुर्घटना की चपेट में आ गए। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने बसों की फिटनेस और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
तीन बड़े हादसों ने बढ़ाई चिंता
हाल के महीनों में तीन बड़े हादसों ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। एक घटना में बेकाबू बस ने सड़क किनारे खड़े लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। दूसरी दुर्घटना में समय पर ब्रेक न लगने से बस सीधे अन्य वाहनों से टकरा गई, जिससे भारी नुकसान हुआ। वहीं तीसरी घटना में व्यस्त चौराहे पर नियंत्रण खो चुकी बस ने कई वाहनों को टक्कर मार दी, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
वेट लीज मॉडल पर उठे सवाल
बेस्ट प्रशासन लागत कम करने के उद्देश्य से निजी ऑपरेटरों के माध्यम से वेटलीज मॉडल पर बसों का संचालन कर रहा है। हालांकि, लगातार हो रहे हादसों के बाद इन बसों के रखरखाव, तकनीकी जांच और चालकों के प्रशिक्षण को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
यात्री संगठनों ने की मांग
यात्री संगठनों की मांग है कि सभी वेटलीज बसों की सुरक्षा ऑडिट कराई जाए, नियमित तकनीकी जांच की जाए तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, जिससे हादसों पर अंकुश लगे।
