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बिना कपड़ों की डांसर, एसडीएम ने उड़ाए नोट… पुलिसकर्मियों ने भी बार बालाओं के साथ की अश्लील हरकत

– छत्तीसगढ़ के धार्मिक स्थल में अश्लील कार्यक्रम पर प्रशासनिक कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के देवभोग में हाल ही में एक विवादास्पद घटना ने प्रशासन और समाज को हिला कर रख दिया है। देवभोग, जो धार्मिक एवं आस्था का प्रसिद्ध केंद्र है और जहां से जगन्नाथ धाम पुरी के लिए भोग भेजा जाता है, वहां नंगा नाच और अश्लीलता पैâलाने का आयोजन किया गया। यह मामला मैनपुर विकासखंड के रुमाल गांव का है, जहां ओपेरा कार्यक्रम के नाम पर और मनोरंजन के बहाने इस प्रकार का आयोजन किया गया। पूरे आयोजन में मैनपुर के एसडीएम डॉक्टर तुलसीदास मरकाम भी मौजूद रहे। वीडियो और तस्वीरों में देखा गया कि एसडीएम ने बार बालाओं के साथ झूमते हुए नोटों की झड़ियां लगाईं और पैसे उड़ाए। इसके अलावा, पुलिसकर्मियों ने भी बार बालाओं के साथ अश्लील हरकतें कीं, जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं। आयोजन से पहले बार बालाओं द्वारा सोशल मीडिया पर दर्शकों को आमंत्रित किया गया था।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पूरी घटना और उसमें शामिल अधिकारियों की भूमिका स्पष्ट दिखाई दे रही है। आयोजन में जमकर पैसों की बरसात की गई और कार्यक्रम की पूरी जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों के कंधों पर थी। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद गरियाबंद के कलेक्टर भगवान सिंह उईके ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मैनपुर के एसडीएम डॉक्टर तुलसीदास मरकाम को कलेक्ट्रेट अटैच कर दिया। वहीं गरियाबंद की पुलिस अधीक्षक (एसपी) वेदव्रत सिरमौर ने तीन पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें लाइन अटैच कर दिया।
साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की गई है और आयोजन समिति के सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि जिन बार बालाओं को कार्यक्रम में बुलाया गया, उन पर भी एफआईआर दर्ज करने और विधिवत कार्रवाई करने की योजना बनाई जा रही है। इस घटना ने धार्मिक स्थल देवभोग की पवित्रता और सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे आयोजनों के जरिए धार्मिक और सामाजिक मान्यताओं की अनदेखी करना गंभीर मामला माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि आगे इस मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वीडियो और तस्वीरों में स्पष्ट हो चुका है कि न केवल एसडीएम, बल्कि स्थानीय पुलिस कर्मियों ने भी इस अश्लील कार्यक्रम में भाग लिया। आने वाले दिनों में पूरे मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर नजर रखी जा रही है। यह घटना प्रशासन और समाज दोनों के लिए चेतावनी बन गई है कि धार्मिक स्थलों पर ऐसे आयोजनों की किसी भी कीमत पर अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

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