राधेश्याम सिंह / वसई
वसई-पूर्व स्थित एक स्कूल में देर से स्कूल आने पर शिक्षक द्वारा छात्रों को उठक-बैठक की सजा देने का मामला बड़ी दुर्घटना में बदल गया। कक्षा (6वीं) की एक छात्रा को इस सजा के दौरान तबीयत बिगड़ने लगी और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। अब जिला शिक्षा विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है, जो अपनी रिपोर्ट सौंपेगी और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 8 नवंबर को कई छात्र देर से स्कूल पहुंचे थे। इसे लेकर शिक्षक ने सभी को 100 उठक-बैठक की सज़ा दी। कुछ छात्रों ने तो अपना बैग कंधे पर लटकाए-लटकाए ही उठक-बैठक की। इसी समूह में यह छात्रा भी शामिल थी। स्कूल से घर लौटने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिवार ने तुरंत उसे वसई के आस्था अस्पताल में भर्ती कराया। हालत नाजुक होते देख उसे दूसरे अस्पताल में और फिर मुंबई के जे.जे. अस्पताल में रेफर किया गया। लगातार उपचार के बावजूद छात्रा की मौत हो गई।
परिवार की मांग
शोकाकुल परिवार ने घटना की सख्त और निष्पक्ष जांच की मांग की है तथा दोषियों पर कठोर कार्रवाई की गुहार लगाई है। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर गहरा रोष है और लोग शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
जांच समिति गठित
रविवार को जिला शिक्षा विभाग की टीम ने स्कूल और छात्रा के परिवार से मुलाकात की। जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी सोनाली मातेकर ने बताया कि गंभीरता को देखते हुए एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है। समिति में उपशिक्षण अधिकारी, गटशिक्षण अधिकारी, महिला विस्तार अधिकारी केंद्र प्रमुख शामिल रहेंगे। विभाग का कहना है कि वसई शिक्षा विभाग द्वारा भेजे गए प्रारंभिक रिपोर्ट को दर्ज कर लिया गया है और समिति की जांच में सामने आने वाली बातों के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।
पुलिस की जांच जारी
वालीव पुलिस ने भी इस मामले में जांच शुरू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दिलीप घुगे ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई हैं। जैसे ही ये रिपोर्ट मिलेंगी, उसके अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
