अखिल भारत वर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन और अभिषेक संस्था की अनूठी पहल, 18 वर्षों से जारी है सेवा का सिलसिला
रवीन्द्र मिश्रा / मुंबई
समाज सेवा और मानवता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए अखिल भारत वर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन तथा अभिषेक शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्था ने गोरेगांव के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में रहने वाली जरूरतमंद महिलाओं के बीच खाद्यान्न सामग्री का निःशुल्क वितरण किया। इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं के चेहरों पर खुशी और संतोष की झलक देखने को मिली।
अभिषेक शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्था की अध्यक्षा सुनीता नांगरे ने बताया कि माहेश्वरी महिला संगठन की तेजल पिंपले, सुशीला चांडक और विमला समाधानी के सहयोग से गोरेगांव के मटाईपाडा और खांबाचा पाड़ा जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में रहने वाली 145 जरूरतमंद महिलाओं को आवश्यक खाद्यान्न सामग्री उपलब्ध कराई गई।
वितरित किए गए राशन किट में गेहूं, आटा, दाल, चावल, शक्कर, पोहा, नमकीन और बिस्किट के पैकेट शामिल थे। संस्था का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को दैनिक जीवन की आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराकर उनके जीवन में कुछ राहत पहुंचाना है।
इस अवसर पर अभिषेक शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्था के संरक्षक तथा रामदास राठी मेमोरियल ट्रस्ट के ट्रस्टी मधुकुमार राठी सहित संस्था के सदस्य और स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे। सभी ने इस सेवा कार्य को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
सुनीता नांगरे ने कहा कि अभिषेक शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्था पिछले 18 वर्षों से आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और जरूरतमंदों की सहायता जैसे विभिन्न सेवा कार्यों में निरंतर सक्रिय है। संस्था का प्रयास केवल सहायता प्रदान करना ही नहीं, बल्कि समाज के वंचित वर्गों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में सार्थक योगदान देना भी है।
उन्होंने कहा कि समाज के सक्षम वर्ग के लोगों को भी आगे आकर ऐसे सेवा कार्यों में भागीदारी निभानी चाहिए, ताकि जरूरतमंद परिवारों को कठिन परिस्थितियों में सहारा मिल सके और सामाजिक समरसता को और मजबूती मिले।
आदिवासी क्षेत्रों में वर्षों से चल रहा यह सेवा अभियान आज भी मानवता और सामाजिक उत्तरदायित्व का एक प्रेरणादायी उदाहरण बना हुआ है।
