सामना संवाददाता / मुंबई
शेयर बाजार में सोमवार को बिकवाली का दबाव रहा। सेंसेक्स ८७६.३७ अंक गिरकर ७३,८५२.९० पर बंद हुआ। निफ्टी भी २५७.२० अंक लुढ़ककर २२,८८८.९५ पर आ गया। बैंकिंग और आईटी शेयरों की कमजोरी ने प्रमुख सूचकांकों को नीचे खींचा और निवेशकों की चिंता बढ़ाई। सेंसेक्स और निफ्टी, दोनों में लगभग १.१७ प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। निफ्टी का २२,९०० के नीचे बंद होना कारोबारी सत्र में बिकवाली के दबाव को दर्शाता है। हालांकि, इस स्तर के आधार पर आगे बाजार की दिशा का निश्चित अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
बैंकिंग शेयरों में एक्सिस बैंक पर खासा दबाव दिखा। इसका शेयर लगभग ४.२ प्रतिशत गिर गया। दूसरी ओर, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा। इससे स्पष्ट है कि बैंकिंग क्षेत्र के भीतर भी कारोबार का रुझान एक जैसा नहीं था। अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन का अर्थ यह नहीं कि सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंक शेयर बढ़त में बंद हुए। आईटी शेयरों में बिकवाली ने भी बाजार की कमजोरी बढ़ाई। हालांकि, उपलब्ध विवरण में गिरावट के पीछे किसी एक आर्थिक घटनाक्रम, कंपनी के नतीजे या नीतिगत पैâसले की पुष्टि नहीं है।
डॉलर के सामने रुपए की मजबूती फुस्स!
डॉलर के मुकाबले रुपए की शुरुआती मजबूती सोमवार को टिक नहीं सकी। भारतीय मुद्रा ९४.९२५० प्रति डॉलर पर लगभग स्थिर बंद हुई। शेयर बाजार में गिरावट और आयातकों की डॉलर मांग ने रुपए की बढ़त समाप्त कर दी। कारोबार की शुरुआत में मिली राहत दिन समाप्त होने तक गायब हो गई। रुपए की चाल आयात आधारित कारोबार के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि डॉलर महंगा होने से विदेश से खरीदे जाने वाले सामान का भुगतान बढ़ सकता है। हालांकि, सोमवार को बड़ी गिरावट नहीं आई।
