-५ करोड़ के कोबरा वेनम के साथ ३ तस्कर गिरफ्तार
-काशीगांव पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई
सुरेश गोलानी / मुंबई
कुछ ही दिनों पहले चेना के जंगलों में वन्यजीवों के अवैध शिकार का एक गंभीर मामला सामने आने के बाद मीरा-भायंदर क्षेत्र में वन्यजीव अपराधियों के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। काशीगांव पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में सांप का जहर बेचने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दोढीया पेट्रोल पंप के पास जाल बिछाकर तीन शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके पास से ५ करोड़ २१ लाख ८० हजार १०० रुपये मूल्य का माल बरामद किया है। वन विभाग के अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर कोबरा सांप का जहर बेचने के लिए काशीगांव इलाके में आने वाले हैं। वनपाल युवराज जोशी ने काशीगांव पुलिस को इसकी आधिकारिक जानकारी दी, जिसके बाद दोनों विभागों की संयुक्त टीम ने दोढीया पेट्रोल पंप के पास मोर्चा संभाला।
जैसे ही संदिग्ध आरोपी मोटरसाइकिल से वहां पहुंचे, टीम ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर हिरासत में लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान फैजान अब्दुल अजीज, अब्दुल करीम रशीद अहमद शेख और मोहम्मद दानीश फयीम खान के रूप में हुई है। तीनों मानखुर्द और नई मुंबई के निवासी हैं। आरोपियों की तलाशी लेने पर उनके पास से कांच की बोतलों में भरा २५० ग्राम कोबरा का शुद्ध जहर के अलावा ३ मोबाइल फोन भी बरामद किया।
सूत्रों के अनुसार, बेहद खतरनाक माने जाने वाले कोबरा का जहर रेव पार्टियों में ड्रग्स के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय ब्लैक मार्केट में इस जहर का उपयोग कुछ लैब द्वारा दवा अनुसंधान और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के एंटी-वेनम शोध के लिए भी किया जाता है, जिसके कारण तस्कर इसे ऊंचे दामों पर बेचते हैं। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम १९७२ (संशोधित २०२२) और भारतीय न्याय संहिता संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। न्यायालय ने तीनों आरोपियों को सात दिनों की पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है। पुलिस अब इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के मुख्य सरगना और जहर के मुख्य स्रोत का पता लगाने में जुटी है।
