मुख्यपृष्ठनए समाचारकई राज्यों में फैला है भ्रूण लिंग जांच का नेटवर्क

कई राज्यों में फैला है भ्रूण लिंग जांच का नेटवर्क

रमेश सर्राफ धमोरा
झुंझुनू। राजस्थान के झुंझुनू जिले में भ्रूण लिंग की जांच करने के मामले में पकड़े गए फर्जी डॉक्टर ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पूछताछ में बताया कि वह 2003 से ये काम कर रहा हूं। साल भर में एक करोड़ रूपये कमा लेता हूं जिनमें 50 लाख जमानत में चला जाता है। कोई जिंदगीभर तो जेल में रहना नहीं है आराम करने जाता हूं। फर्जी डॉक्टर 8वीं बार पकड़ा गया है। मामला जिले के खेतड़ी इलाके का है।

प्री कॉन्सेप्शन प्री नेटल डायग्नोस्टिक तकनीक (पीसीपीएनडीटी) के झुंझुनू जिला समन्वयक आनंदराज ने बताया कि जन्म से पहले भ्रूण लिंग परीक्षण कराने वाले फर्जी डॉक्टर उत्तर प्रदेश के अयोध्या निवासी अवधेश पांडे को 9 नवंबर को पकड़ा था। आनंद राज ने बताया कि अवधेश 1987 में खेतड़ी के एक निजी अस्पताल में बागवानी का काम करने आया था। शुरुआत में वह पौधे लगाने और परिसर की देखरेख करता था। धीरे-धीरे वह लैब और सोनोग्राफी रूम के आस-पास घूमने लगा। यहां उसने धीरे-धीरे मशीनों का संचालन और जांच प्रक्रिया को समझ लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि साल 1995 में उसने खेतड़ी में अपनी एक निजी लैब खोली। शुरू में एक महिला डॉक्टर यहां जांच करती थी। कुछ ही सालों में वह खुद सोनोग्राफी करना सीख गया और खुद को ‘डॉक्टर’ बताकर अवैध कारोबार शुरू कर दिया।

उसने 2000 में खेतड़ी में एक पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट खोला और युवाओं को फर्जी डिप्लोमा-सर्टिफिकेट दिलाने लगा था। 2003 के आसपास आरोपी ने भ्रूण लिंग परीक्षण करना शुरू किया और 2007 में पहली बार पकड़ा गया। पूछताछ में सामने आया कि अवधेश ने नेपाल से पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन मंगवाई थी जिसे वह गाड़ी में छिपाकर घूमता था। जांच के लिए वह मशीन को किसी घर, ढाबे या सुनसान जगह पर सेट करता था। दलाल उसे कॉल पर मरीज का लोकेशन देते थे और तुरंत जांच करवाकर वापस ले जाते थे। जिससे उसका नेटवर्क गोपनीय बना रहता था। आरोपी हर भ्रूण लिंग परीक्षण के बदले लड़का होता तो 50 हजार लेता था और लड़की होती तो 30 हजार की फीस लेता था। अवधेश ने बताया कि हर बार पकड़े जाने के बाद वह अपना नाम बदल कर अलग-अलग जगहों पर यह अवैध काम करता था। अवधेश के सैकड़ों ऐसे दलाल है जो अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है। उसका नेटवर्क हरियाणा, राजस्थान और यूपी तक फैला हुआ है।

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