मांगों को लेकर दिया दिसंबर तक का अल्टीमेटम
सामना संवाददाता / मुंबई
सेवानिवृत्त बेस्ट कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और अन्य बकाया का भुगतान करें, बेस्ट के बेड़े में स्वामित्व वाली बसें लाएं, भर्ती करें, कर्मचारियों की पदोन्नति तुरंत शुरू करें और वेतनकरार की बकाया राशि जैसी मांगें दिसंबर तक पूरी करें, अन्यथा जनवरी में ‘वर्षा’ बंगले पर ‘चक्का जाम’ आंदोलन किया जाएगा। इस तरह की चेतावनी शिवसेना उपनेता, बेस्ट कामगार सेना के अध्यक्ष व विधायक सचिन अहिर ने राज्य सरकार और मुंबई मनपा आयुक्त को दी है।
बेस्ट उपक्रम के सेवानिवृत्त कर्मचारियों का सम्मेलन शिवसेना भवन में आयोजित किया गया। इस दौरान बेस्ट में वर्तमान में कार्यरत कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के मुद्दों पर बेस्ट कामगार सेना ने आक्रामक भूमिका ली। बेस्ट प्रशासन ने पिछले तीन वर्षों से लगभग ४,५०० सेवानिवृत्त बेस्ट कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और अन्य देयों की राशि रोकी हुई है। बकाया ग्रेच्युटी की राशि ९०० करोड़ के आंकड़े तक पहुंच गई है। न्यायालय के आदेश के बावजूद बेस्ट प्रशासन देय राशि नहीं दे रहा है, जिससे कर्मचारी चिंतित हैं। इसी पृष्ठभूमि में बेस्ट कामगार सेना के अध्यक्ष व विधायक सचिन अहिर ने सम्मेलन में अपनी भूमिका रखी। उन्होंने बेस्ट प्रशासन और मुंबई मनपा आयुक्त को दिसंबर अंत तक का अल्टीमेटम दिया। सचिन अहिर ने चेतावनी दी कि बेस्ट कर्मचारियों की मांगें दिसंबर अंत तक पूरी नहीं की गईं तो जनवरी में मुख्यमंत्री के ‘वर्षा’ बंगले पर ‘चक्का जाम’ आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान बेस्ट कामगार सेना के महासचिव नितीन नांदगांवकर, प्रमुख मार्गदर्शक गौरीशंकर खोत ने मार्गदर्शन किया। साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भी अपनी मनोगत प्रस्तुत कर बेस्ट प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त की।
नौटंकी बंद करें सत्ताधारी
सचिन अहिर ने कहा कि बेस्ट चालकों को खाने के लिए समुचित जगह, उचित शेड नहीं, शौचालय की व्यवस्था नहीं है। बेस्ट विभिन्न समस्याओं से घिरी हुई है। इन समस्याओं को हल करने के लिए सड़क पर उतरने के अलावा कोई उपाय नहीं है। सत्ताधारी यूनियन कर्मचारियों के मुद्दे पर अनशन करने का नाटक करती है और वहां सत्ताधारी आकर अनशन वापस लेने का आग्रह करते हुए आश्वासन देते हैं। ये नाटक बंद करके सीधे कर्मचारियों को ग्रेच्युटी और अन्य बकाया देय क्यों नहीं दिए जाते। इस तरह का सवाल अहिर ने उठाया।
