मुख्यपृष्ठसमाचारदो साल में बना एक स्कूल जवाबदेही से भागा प्रशासन!

दो साल में बना एक स्कूल जवाबदेही से भागा प्रशासन!

-लिबर्टी उद्यान स्कूल परियोजना में देरी पर उठे सवाल

द्रुप्ति झा / मुंबई

सरकारी परियोजनाओं में लेटी-लतीफी और ढुलमुल रवैया मुंबईकरों की नियति बन चुका है। इसका ताजा उदाहरण मनपा द्वारा संचालित मालाड का लिबर्टी उद्यान स्कूल है, जिसकी इमारत को खड़ा करने में मनपा ने पूरे दो साल का लंबा वक्त जाया कर दिया। २१ जून को दोपहर लंबे-चौड़े भाषण और राजनीतिक तामझाम के बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और मुंबई की महापौर रितु तावड़े ने इसका लोकार्पण किया। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री गोयल ने यह कहकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की कि शासकीय परियोजनाओं में बेहतर गुणवत्ता पाना नागरिकों का अधिकार है और जनता को खुद ही इन कार्यों की निगरानी करनी चाहिए। मंत्री जी के इस बयान से साफ है कि प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों का ठीकरा अब आम जनता के सिर फोड़ना चाहता है।
प्रशासन भले ही इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस बताकर अपनी पीठ थपथपा रहा हो, लेकिन हकीकत यह है कि दो साल तक इस इलाके के गरीब बच्चे बुनियादी शिक्षा के लिए तरसते रहे। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जो काम कुछ महीनों में पूरा हो जाना चाहिए था, उसे दो साल तक खींचकर जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी की गई है।

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