सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य के विधानसभा चुनावों में हुई ‘वोट चोरी’ के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करेंगे। इस तरह की सख्त चेतावनी शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने दी है। उन्होंने कहा कि वोट चोरी का पूरा डेटा जनता के सामने रखेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चूंकि यह सर्जिकल स्ट्राइक है, इसलिए यह अचानक होगा और इसकी समय-सीमा बताना संभव नहीं है। उनकी इस चेतावनी से सत्ताधारियों की धड़कनें तेज हो गई हैं।
कल इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में आदित्य ठाकरे का इंटरव्यू लिया गया। उसमें बोलते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं की संख्या में अचानक हुई बढ़ोतरी, मतदाता सूची से नाम गायब होना, बूथ पर अव्यवस्था और वोट चोरी को लेकर शिवसेना ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। इस पूरे आंकड़े पर शिवसेना काम कर रही है और जल्द ही प्रेस कॉन्प्रâेंस लेकर यह सारा घोटाला सबूतों और आंकड़ों के साथ जनता के सामने लाया जाएगा।
चुनावी गड़बड़ियों का कर रहे हैं अध्ययन!
शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे कल इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में शामिल हुए। वहां अपने इंटरव्यू में उन्होंने विभिन्न सवालों के बेबाकी से जवाब दिए। विधानसभा चुनाव, आगामी मनपा चुनाव और शिवसेना के नाम-चिह्न पर चल रहे विवाद को लेकर उन्होंने विचार स्पष्ट रखे। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिनका हम अध्ययन कर रहे हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव परिणाम हमें मंजूर है, लेकिन जो सरकार बनी है, वह ढंग से काम क्यों नहीं कर रही? इस दौरान उन्होंने उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का बिना नाम लिए उनपर हमला बोलते कहा कि राज्य के उप मुख्यमंत्री कभी गांव में दिखते हैं, तो कभी दिल्ली जाकर शिकायत करते नजर आते हैं।
भाजपा के साथ दोबारा जाना असंभव
शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे भविष्य में भाजपा के साथ जाएंगे, ऐसी संभावित चर्चाओं पर सवाल पूछे जाने पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि सरकार जिस तरीके से चल रही है, उसे देखते हुए शिवसेना का भाजपा के साथ जाना असंभव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिवसेना के कभी खराब रिश्ते नहीं थे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी उतने ही अच्छे संबंध रहे हैं।
हिंदुत्व पर सर्टिफिकेट देने वाली भाजपा कौन?
आदित्य ठाकरे ने भाजपा के हिंदुत्व पर भी सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ जाना मतलब हिंदुत्व और कांग्रेस के साथ जाना यानी हिंदुत्व नहीं? राम मंदिर बनने से पहले उद्धव ठाकरे तीन बार अयोध्या गए थे। शिवसेना की देशभक्ति और हिंदुत्व पर सर्टिफिकेट देने वाली भाजपा कौन है? इस तरह का जोरदार सवाल भी आदित्य ठाकरे ने उठाया।
